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Grain Scam: बहुचर्चित 425 करोड़ के खाद्यान्न घोटाले की जांच करने पहुंची सीबीआई, 2004 से 2006 के बीच हुआ था
Tue, 15 Nov 2022 08:49 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 15 Nov 2022 08:49 PM IST
सार
सीबीआई ने वर्ष 2004 से 2006 के बीच हुए 425 करोड़ रुपये के खाद्यान्न घोटाले की जांच फिर शुरू कर दी है। मंगलवार को सीबीआई ने आपूर्ति कार्यालय में कोटेदारों के बयान दर्ज किए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाला मंगलवार को एक बार फिर से चर्चा में आ गया। जिले में वर्ष 2004 से 2006 में हुए 425 करोड़ के खाद्यान्न घोटाले की जांच सीबीआई ने मंगलवार को फिर से शुरू कर दी है। खाद्यान्न घोटाले का खुलासा होने पर वर्ष 2005 में प्रदेश शासन के विशेष सचिव ने जांच की थी और 425 करोड़ के घोटाले की रिपोर्ट दी। इसके बाद ईओडब्लू ने जांच किया लेकिन 2007 में जांच सीबीआई के हवाले हो गई।
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मामले में 63 मुकदमे 17 थानों में दर्ज हुए थे। इस मामले में 300 से अधिक लोग अभी तक आरोपित किए जा चुके हैं। सीबीआई के डीएसपी सुनील दत्त की अगुवाई में जिला आपूर्ति कार्यालय में पहुंची सीबीआई की चार सदस्सीय टीम ने तत्कालीन कोटेदार व राशनकार्ड धारकों के बयान दर्ज किए। इलाहाबाद बैंक में भी खातों की पड़ताल की। न्यायालय के आदेश पर सीबीआई करीब दस साल से जांच कर रही है। बताया जाता है कि माफिया ने गरीबों का खाद्यान्न बांग्लादेश भेज दिया था।
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जांच में पता चला कि जो ढुलाई का काम ट्रकों से किया गया था, वह जांच में स्कूटर व बाइक के नंबर निकले। जांच का दायरा बढ़ा तो कई लोग जेल भी गए। हालांकि अधिकांश लोगों को जमानत मिल चुकी है। सीबीआई टीम ने इटियाथोक ब्लाक के कई कोटेदारों व राशनकार्ड धारकों से बयान दर्ज किए हैं।
बताया जाता है कि सीबीआई की टीम ने इटियाथोक ब्लाक के तत्कालीन जानकीनगर कोटेदार नानबाबू शुक्ला व नारेमहरीपुर के कोटेदार हवलदार तिवारी को नोटिस देकर बयान के लिए बुलाया था। कोटेदारों को अपने गांव के तत्कालीन दस बीपीएल व पांच अंत्योदय राशन कार्डधारकों को साथ लाना था। सीबीआई टीम ने राशनकार्ड धारक व कोटेदार के बयान दर्ज किए हैं।
टीम ने कितना खाद्यान्न मिलता था, कैसे मिलता था, पूरा मिला कि नहीं जैसे सवाल पूछे। टीम ने घोटाले के दौरान कोटेदारों के खाते इलाहाबाद बैंक के जिन शाखाओं में थे। वहां पहुंचकर प्रबन्धक व कर्मचारियों से जानकारी ली। टीम अभी जिले में रुककर कोटेदारों के बयान दर्ज करेगी। सीबीआई टीम अन्य ब्लाकों में हुए अनाज घोटानले की भी जांच कर रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय ने कहा कि सीबीआई की टीम जांच के लिए कार्यालय आई है, जो अभिलेख व सहयोग की मांग उनके द्वारा की जा रही है, वह उपलब्ध कराया जा रहा है।