UP News: करोड़ों के गबन में सीबीआई ने दिल्ली... गाजियाबाद और कानपुर में मारा छापा, दस्तावेज जुटाए
यूपी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन की तरफ से 13 जनवरी को लखनऊ के गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस पर अब सीबीआई ने केस दर्ज किया है। कॉरपोरेशन का अधिकारी बनकर फर्जी खाता खोला गया। 64.82 करोड़ ट्रांसफर किए गए थे।
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उत्तर प्रदेश में वन विभाग के नाम से बैंक ऑफ इंडिया की लखनऊ सदर शाखा में फर्जी खाता खोलकर करोड़ों के गबन के मामले में सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। शनिवार को सीबीआई की टीमों ने आरोपियों के दिल्ली, गाजियाबाद और कानपुर के ठिकानों पर छापा मारा। वहां से तमाम अहम दस्तावेज जुटाए। सीबीआई ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एफआईआर के बारे में भी जानकारी जुटाई।
बैंक ऑफ इंडिया की आंतरिक जांच में सामने आया कि अनीस उर्फ मनीष व दीपक संजीव सुवर्णा ने मिलकर उत्तर प्रदेश वन निगम (यूपीएफसी) के नाम पर जाली दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी बचत बैंक खाता खुलवाया। खुद को यूपीएफसी का अधिकारी बताते हुए 18 दिसंबर 2025 को दीपक ने बैंक अफसरों से कहा था कि यूपीएफसी एक थोक फिक्स्ड डिपॉजिट नीलामी शुरू कर रहा है। उसको यूपीएफसी के नाम पर बैंक खाता खोलने और संचालित करने का अधिकार है। इससे संबंधित एक बोर्ड का फर्जी प्रमाण पत्र भी पेश किया था।
दीपक ने यूपीएफसी के नाम से जाली केवाईसी दस्तावेज, पैन कार्ड, जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र के आधार पर बैंक की सदर खाता में यूपी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन के नाम से एक बचत खाता खुलवाया। एक जनवरी को यूपीएफसी ने बैंक के आधिकारिक खाते में 64,82,21,365 रुपये की राशि जमा की।
यूपीएफसी के फर्जी बचत खाता में ट्रांसफर करने को कहा
साथ ही प्रबंध निदेशक उप्र वन निगम के पक्ष में इस रकम की एक वर्ष की एफडीआर बनाने संबंधी आधिकारिक ई-मेल भी बैंक को मिला। दो जनवरी को दीपक संजीव ने बैंक को फर्जी पत्र सौंपा जिसमें 6,82,21,365 रुपये की एफडीआर जारी करने व 58 करोड़ रुपये अपने द्वारा खुलवाए गए यूपीएफसी के फर्जी बचत खाता में ट्रांसफर करने को कहा गया।
इसी आधार पर रकम ट्रांसफर कर दी गई। बैंक ऑफ इंडिया की लखनऊ सदर शाखा के प्रबंधक शेर सिंह कुशवाहा की शिकायत पर सीबीआई ने केस दर्ज किया। सीबीआई ने तफ्तीश शुरू करते ही दीपक और मनीष के ठिकानों पर छापे मारे। सूत्रों के मताबिक तमाम अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। अंदेशा है कि वह ये गिरोह की तरह काम करते हैं। इस तह की और भी गबन को अंजाम दे चुके हैं।
इस तरह खुला खेल
जब यूपीएफसी को मामले की जानकारी हुई तो 13 जनवरी को प्रबंधक निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बैंक की सदर शाखा के कर्मचारियों पर 64.82 करोड़ रुपये गबन करने का केस दर्ज कराया। बैंक अफसरों को जानकारी हुई तो जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई थी तो उसके बारे में जानकारी जुटाई। तब अनीस उर्फ मनीष व दीपक संजीव सुवर्णा का नाम सामने आया। पता चला कि ये दोनों बैंक के कर्मी नहीं हैं और न ही यूपीएफसी के। तब बैंक ने सीबीआई में मामले की शिकायत की थी।