सीबीआई जल्द अपने हाथ में ले सकती है मैनपुरी मामले की जांच, डीजीपी ने लिया अब तक का फीडबैक
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मैनपुरी के नवोदय विद्यालय में हुई छात्रा की हत्या के मामले को सीबीआई जल्द अपने हाथ में ले सकती है। हाल ही में राज्य सरकार की ओर से रिमाइंडर भेजे जाने के बाद एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
सीबीआई में इस मामले को लेकर मंथन किया जा रहा है। अगले एक या दो दिन में जांच एजेंसी इस मामले पर अपना निर्णय ले सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को दिल्ली की यूनिट दर्ज कर सकती है।
राज्य सरकार ने 16 सितंबर को नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने के लिए 28 सितंबर को पत्र लिखा था, लेकिन दो महीने में कोई निर्णय नहीं लिया गया।
विपक्षी दलों ने प्रकरण पर हो हल्ला शुरू किया तो सरकार की ओर से 1 दिसंबर को पूर्व में भेजे गए पत्र का रिमाइंडर भी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भेज दिया गया। स्थानीय पुलिस ने जहां पूर्व में इसे सामान्य घटना बताया था, वहीं फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
कई स्थानों पर दबिश दे चुकी है पुलिस पर नहीं मिला फैकल्टी स्टॉफ का बेटा
मामले में फैकल्टी स्टाफ के बेटे की तलाश में पुलिस अभी तक कई स्थानों पर दबिश दे चुकी है पर वह हाथ नहीं आ सका है। वहीं एसआईटी जांच शुरू होने के साथ ही इंस्पेक्टर भोगांव भी थाने से नदारद चल रहे हैं। वह ट्रांजिस्ट हॉस्टल और तलाश के लिए दबिश टीम का अहम हिस्सा हैं। सूत्रों के अनुसार फैकल्टी स्टाफ के बेटे की तलाश में वह गैर जनपदों की खाक छान रहे हैं।
अब तक की जांच का डीजीपी ने लिया फीडबैक
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बुधवार को इटावा में समीक्षा बैठक के दौरान एसआईटी के अध्यक्ष आईजी मोहित अग्रवाल से काफी देर तक छात्रा की कथित मौत के मामले में चल रही जांच के संबंध में जानकारी ली। साथ ही जल्द से जल्द किसी नतीजे पर पहुंचते हुए खुलासा करने के लिए कहा।
प्रियंका ने उठाया था मामला
इस मामले में कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। प्रियंका के पत्र लिखे जाने के अगले ही दिन मैनपुरी के एसपी अजय शंकर राय को इसी मामले में लापरवाही का दोषी पाते हुए हटा दिया गया था।