NRHM: मात्र दो जिलों में ही हुई 60 करोड़ की हेराफेरी
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत प्रदेश में 2005 से 2011 के दौरान बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता की जांच-पड़ताल कर रही सीबीआई ने अब बस्ती और मिर्जापुर जिले की जांच तेज कर दी है।
अब तक की पड़ताल में सीबीआई को इन दोनों जिलों में लगभग 60 करोड़ रुपये की बंदरबांट के सुबूत मिले हैं। सीबीआई ने स्वास्थ्य विभाग से दोनों ही जिलों में एनआरएचएम की विभिन्न योजनाओं में कराए गए कार्यों और उस दौरान जिलों में तैनात रहे स्वास्थ्य अधिकारियों का ब्यौरा मांगा है। इसके बाद जांच एजेंसी अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी।
सीबीआई की दो टीमों ने पिछले दिनों बस्ती और मिर्जापुर जाकर वहां एनआरएचएम की अलग-अलग योजनाओं में कराए गए कार्यों, इसके लिए आवंटित बजट और भुगतान की जानकारी ली।
हर स्तर पर हुई धन की बंदरबांट
उसने जिलों के कार्यालयों से विभिन्न योजनाओं में किए गए भुगतान से संबंधित कई दस्तावेज भी हासिल किए। इसके साथ ही वहां तैनात चिकित्सा विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए।
जांच से जुड़े सीबीआई के अफसरों के मुताबिक शुरुआती पड़ताल में दोनों ही जिलों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप सामने आ रहे हैं। विभिन्न योजनाओं में घटिया सामग्री का इस्तेमाल, अधिक भुगतान, दवा व उपकरणों की खरीद व सप्लाई, अस्पतालों के उच्चीकरण और इनमें शौचालय के सुधार का कार्य बाजार भाव से अधिक दर पर कराने के साक्ष्य मिले हैं।
सूत्रों का कहना है कि अंधता निवारण व जननी सुरक्षा योजना के साथ ही सामुदायिक व प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर दवा व उपकरणों के आवंटन में भी घपला किया गया है। मौके पर जाकर इसकी पड़ताल की जाएगी।