उन्नाव गैंगरेप: CBI की हिरासत में लिए गए 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, सीएमओ समेत कई लोगों से पूछताछ जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव गैंगरेप की पीड़िता का बयान लेने के लिए सीबीआई की दस सदस्यीय टीम शुक्रवार सुबह 10 बजे उन्नाव के उस होटल में पहुंची जहां पीड़ित परिवार को प्रशासन ने ठहराया है। होटल में पीड़िता और उसके परिवार के बयान लिए जा रहे हैं।
वहीं, चार सदस्यीय टीम माखी थाने पहुंची है। यहां धाराओं में हेरफेर करने वाले और पीड़िता के पिता को जेल में डालने वाले एसओ अशोक सिंह भदौरिया, हलका इंचार्ज कामता प्रसाद से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार सस्पेंड किए गए 6 पुलिसकर्मियों को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है।
विधायक कुलदीप सेंगर के क्षेत्र बांगरमऊ थाने के इंसपेक्टर अरुण देव द्विवेदी को टीम ने होटल में बुलाया है। उनसे भी पूछताछ की जा रही है। उन पर आरोप है कि पीड़िता ने जो शिकायतें दर्ज कराईं और जो अभिलेख कोर्ट में पेश किए गए, उन अभिलेखों से अरुण देव ने छेड़छाड़ की है।
सीबीआई टीम उन्नाव के सीएमओ डॉ. एसपी चौधरी को डीएम ऑफिस में बुलाकर पूछताछ कर रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उसे सुरक्षित रखने के भी निर्देश सीएमएस डॉ. डीके द्विवेदी को दिए हैं।
यहीं नहीं, जून 2017 में उन्नाव की एसपी रहीं नेहा पांडेय से भी टीम पूछताछ करेगी। नेहा अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में हैं। कुछ समय के लिए वह यूपी के राज्यपाल की सुरक्षा में भी तैनात थीं।
इससे पहले सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उसके लखनऊ स्थित इंदिरानगर आवास से शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हिरासत में लिया था। उससे पूछताछ की जा रही है। उसे आज कोर्ट में पेश किया जा सकता है। विधायक पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
दरअसल, सीबीआई की लखनऊ इकाई ने गुरुवार देर रात आरोपी विधायक सेंगर के खिलाफ तीन केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट भी आज मामले में अपना फैसला सुना सकता है।
विधायक के खिलाफ एसआईटी द्वारा दर्ज कराए गए रेप के केस के साथ ही विधायक के भाई अतुल सिंह द्वारा पीड़िता के पिता के साथ मारपीट और जेल में उनकी मौत का मामला शामिल है। सीबीआई एसपी राघवेंद्र वत्स ने यूपी पुलिस से संबंधित कागजात ले लिए हैं।
पीड़िता को मुकम्मल सुरक्षा
विधायक की गिरफ्तारी न होने से जांच प्रभावित होने से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए डीजीपी ने कहा कि पीड़िता और उसके परिवार को मुकम्मल सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है। न तो उस पर कोई दबाव डाल सकता है, न ही कोई जांच प्रभावित कर सकता है।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, यूपी में ध्वस्त हो चुकी है कानून-व्यवस्था
रेप कांड में पुलिस की ढिलाई और अभियुक्तों को बचाने की कोशिश पर तल्ख टिप्पणी करते हुए बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले से साफ है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसे आज दोपहर दो बजे सुनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने सफाई दी कि आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सबूत मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी। अदालत के इस सवाल पर कि सरकार विधायक को गिरफ्तार करना चाहती है या नहीं, महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कहा कि वह इस बारे में कोई बयान नहीं दे सकते हैं। यदि अदालत कोई आदेश देती है तो सरकार कार्रवाई करेगी।
मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने कहा कि पीड़िता ने 17 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 जून को विधायक और तीन लोगों ने उसके साथ रेप किया, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। एसआईटी रिपोर्ट के बाद विधायक पर प्राथमिकी दर्ज हुई। इससे पहले पीड़िता ने बहुत कुछ खो दिया। आत्मदाह की कोशिश की, उसके पिता की हत्या हो गई। पुलिस क्या करती रही? जबकि एसआईटी रिपोर्ट में है कि पहली नजर में पीड़िता के आरोप विश्वसनीय हैं।
#WATCH Earlier visuals of BJP MLA Kuldeep Singh Senger, main accused in Unnao rape case, detained by CBI. pic.twitter.com/k9krGucGD1
— ANI UP (@ANINewsUP) April 13, 2018