रिवर फ्रंट घोटाले में सीबीआई की पूछताछ में खुलासा, रिश्तेदारों के खातों में जमा कराई गई करोड़ो की रकम
रिवर फ्रंट घोटाले के आरोपी अभियंता रूप सिंह यादव ने रिमांड पर पूछताछ के दौरान सीबीआई को कई अहम जानकारियां दी हैं। इसमें कमीशन में कई सौ करोड़ लेने और कमीशन की रकम से चल अचल संपत्ति बनाने की बातें भी शामिल हैं। अभियंता व वरिष्ठ लिपिक की रिमांड अवधि मंगलवार को समाप्त हो जाएगी।
सीबीआई ने इस घोटाले के आरोपी अभियंताओं में से एक रूप सिंह यादव और वरिष्ठ लिपिक को पिछले दिनों चार दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान सीबीआई ने अभियंता से अनियमितता के साथ कमीशनखोरी की रकम को लेकर तमाम सवाल किए।
सीबीआई ने उनसे पूछा कि डेढ़ हजार करोड़ से अधिक की लागत की इस परियोजना में 90 फीसदी बजट सिर्फ 60 फीसदी काम पर खर्च कर दिया गया। बजट को चरणबद्ध तरीके से व्यय किया जाता है। किसी भी परियोजना में हर काम के लिए अलग मद निर्धारित किया जाता है। परियोजना के कार्य और व्यय पर लेखा की नजर होती है।
हर कदम की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाती है। ऐसे में वह लोग किस तरह मनमानी कर सके। उनकी मनमानी पर किसी तरह की आपत्ति क्यों नहीं हुई। इस अनियमितता में कमीशन कि जो बंदरबांट हुई उसमें कौन कौन शामिल था।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में भी सामने आए थे ये तथ्य
सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि आरोपी अभियंता ने कबूला कि अभियंताओं के पास कमीशनखोरी की जो रकम आई उसे उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश कर दिया। खास तौर पर महिलाओं के नाम पर।
इसे आरोपियों ने आयकर की धाराओं की आड़ में कानूनी जामा पहनाने की कोशिश की। सूत्र बताते हैं कि पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में जो छानबीन की थी उसमें भी यह तथ्य सामने आए थे।