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आज से खाते में पहुंचेगी रसोई गैस सब्सिडी
ज्ञान सक्सेना,अमर उजाला ब्यूरो/लखनऊ
Updated Wed, 01 Jan 2014 01:08 AM IST
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रसोई गैस सब्सिडी का पैसा आज से खाते में पहुंचने लगेगा। तेल कंपनियों ने जिला प्रशासन की आपत्ति को दरकिनार करते हुए एक जनवरी से आधार कार्ड बेस डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) स्कीम लागू करने का फैसला किया है।
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घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति से जुड़ी तीनों प्रमुख तेल कंपनियां नए साल से ऐसे सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं को डीबीटीएल के दायरे में शामिल करेंगी, जिन्होंने अपने बैंक खाते से संबद्ध आधार कार्ड का पंजीयन संबंधित गैस एजेंसी पर करा लिया होगा।
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ऐसे उपभोक्ताओं को साल में रियायती दर पर मिलने वाले नौ सिलेंडरों की सब्सिडी का पैसा अब सीधे उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में बुकिंग के बाद जमा होगा।
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ऐसे उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद मिलने वाली सिलेंडर की डिलीवरी के समय अब बाजार दर के हिसाब से ही भुगतान करना होगा।
भारत पेट्रोलियम (बीपी) से जुड़े क्षेत्रीय प्रबंधक आशू भारती ने मंगलवार को बताया कि डीबीटीएल योजना बुधवार से शहर में लागू किए जाने की सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया।
उन्होंने बताया कि फिलहाल इस योजना के तहत उन्हीं उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा जिन्होंने अपने बैंक खाते से संबद्ध आधार कार्ड का पंजीयन गैस एजेंसी में करा लिया होगा।
बैंक खाते से संबद्ध आधार कार्ड का पंजीयन न कराने वाले कस्टमरों को भी फिलहाल 31 मार्च तक ग्रेस पीरियड का लाभ देते हुए वर्तमान व्यवस्था के तहत ही सब्सिडी युक्त सिलेंडरों का वितरण जारी रहेगा।
इस दौरान तीनों ही तेल कंपनियां जिला प्रशासन, जनसंख्या विभाग व यूआईडी के साथ समन्वय स्थापित कर सभी उपभोक्ताओं के एनपीआर पंजीयन से आधार कार्ड बनाने व उसे कस्टमर के बैंक खाते से संबद्ध कराने का कार्य पूरा कराएगी। एक अप्रैल से डीबीटीएल योजना को पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी।
बैक फुट पर आया जिला प्रशासन
अधूरी तैयारियों के कारण डीबीटीएल योजना को कुछ माह बाद लागू किए जाने की पैरोकारी करने वाले जिला प्रशासन के अधिकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के सख्त रवैये के कारण फिलहाल बैकफुट पर आ गए हैं।
एडीएम वित्त व राजस्व एसकेसिंह यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन जनवरी को तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक, एरिया प्रबंधक, नगर आयुक्त, संयुक्त सचिव जनगणना व आईटीआई और यूआईडी के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक बुलायी गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर में होने वाली इस बैठक के माध्यम से ही डीबीटीएल योजना के क्रियान्वयन को उपभोक्ताओं के लिए आसान व परेशानी मुक्त बनाने की कार्ययोजना तैयार होगी।
अपडेट हुए गैस एजेंसियों के सॉफ्टवेयर सिस्टम
योजना क्रियान्वयन को लेकर देर शाम तक तीनों ही गैस कंपनियां संबद्ध गैस एजेंसियों से जुड़े अपने कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड कर अपडेट कराने में जुटी रही।
गैस एजेंसी के कंप्यूटर सिस्टम से अब ऐसे उपभोक्ताओं के लिए होम डिलीवरी के समय बाजार दर (1072 रुपया) का कैश वाउचर ही कटेगा, जिसका भुगतान कस्टमर को हॉकर को करना होगा।
उसकी रियायत श्रेणी के सिलेंडर की सब्सिडी राशि का पैसा बुकिंग के 36 घंटे के अंदर ही उसके आधार कार्ड बेस बैंक खाते में सीधे जमा हो जाएगा।
कस्टमरों का बंटवारा नई सिरदर्दी
तेल कंपनियों द्वारा एक जनवरी से शुरू की जा रही डीबीटीएल योजना के बाद गैस एजेंसियों के लिए कस्मटरों का बंटवारा नई सिरदर्दी पैदा करेगा।
एजेंसी डीलरों का कहना है कि फिलहाल शहर में तीनों ही गैस एजेंसी से जुड़े 20 से 22 हजार उपभोक्ताओं ने ही आधार कार्ड बेस बैंक खाते का पंजीयन एजेंसियों पर कराया है।