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चारबाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष समेत सात पदाधिकारियों पर फर्जीवाड़े का केस

Tue, 08 Dec 2020 01:41 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 01:41 AM IST
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case in fraud
चारबाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंदर सिंह दुआ समेत सात पदाधिकारियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए हुसैनगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। नाका के कारोबारी अश्विनी छाबड़ा की ओर से दर्ज मामले में कहा गया है कि पदाधिकारियों ने व्यापार मंडल के गठन और नवीनीकरण के लिए उनके पिता तिलकराज छाबड़ा के फर्जी हस्ताक्षर किए। पुलिस जांच कर रही है।
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इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि चारबाग व्यापार मंडल की स्थापना वर्ष 2001-2002 में राजेंदर सिंह दुआ ने की थी। उन्होंने व्यापार मंडल को संस्था के तौर पर डिप्टी रजिस्ट्रार से पंजीकृत भी कराया। व्यापार मंडल में उनके अलावा उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह बग्गा, राजेंदर सिंह के भाई सुरजीत सिंह दुआ, सतपाल सिंह मीत, अनिल बरमानी, गुरुचरन सिंह राजा, पुरुषोत्तम सिंह व शिकायतकर्ता के पिता तिलकराज छाबड़ा भी थे। संस्था के गठन के कागजों में सबके हस्ताक्षर हैं।
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हालांकि, तिलकराज को संस्था की स्थापना और उसमें सदस्य होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अश्विनी का कहना है कि वर्ष 2007 के बाद से संस्था का नवीनीकरण नहीं हुआ, जिससे डिप्टी रजिस्ट्रार ने उसे अपंजीकृत घोषित कर दिया। करीब 12 साल बाद 2019 में राजेंदर ने नवीनीकरण कराने के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन किया, जिसमें सभी पदाधिकारियों के हस्ताक्षर थे। अश्विनी का आरोप है कि संस्था के नवीनीकरण के लिए राजेंदर ने 30 जनवरी और 20 फरवरी 2018 को कागजों में उनके पिता को दिवंगत घोषित करते हुए उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना के लिए सभा दिखाई, जबकि वह उस वक्त जीवित थे। उनका निधन नौ जून 2018 को हुआ था। राजेंदर ने उनके पिता को दिवंगत इसलिए दिखाया, ताकि नवीनीकरण से संबंधित कागजातों में उनके हस्ताक्षर न होने का बहाना किया जा सके।
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जिस दिन शांति सभा दिखाई, उस वक्त जेल में था राजेंदर
अश्विनी का कहना है कि राजेंदर सिंह दुआ ने जिस दिन शांति सभा दिखाई, उस दिन वह जेल में था। नाका में मुकेश मनवानी की हत्या के आरोप में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसने संस्था के नवीनीकरण में शांति सभा की जो तारीखें डालीं, वह फर्जीवाड़े का सुबूत हैं।
संस्था के नवीनीकरण को लेकर उठ रहे सवाल
चारबाग व्यापार मंडल के 12 साल बाद नवीनीकरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अश्विनी का कहना है कि डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष वर्ष 2007 से 2012, 2012 से 2017 और 2017 से 2022 तक के नवीनीकरण के लिए एक ही दिन 12 जून 2019 को आवेदन किया गया था, जो वैधानिक नहीं है। उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय पर भी फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप लगाया।
जिला प्रशासन ने अध्यक्ष को घोषित किया है भूमाफिया
राजेंदर सिंह दुआ के खिलाफ कारोबारी मुकेश मनवानी की हत्या समेत कई गंभीर धाराओं के मुकदमे हैं। नाका में मकानों-दुकानों के मूल आवंटियों का स्वरूप बदलकर उसने कब्जा कर रखा है। वह सूदखोरी भी करता है। जिला प्रशासन ने बीते दिनों उसे भूमाफिया घोषित किया था।

ब्लैकमेल करने के लिए दर्ज कराया केस
अश्विनी चावला व्यापारियों को ब्लैकमेल करने वाला पुराना ब्लैकमेलर है, जिसके खिलाफ दो साल पहले मैंने ब्लैकमेल करने का केस दर्ज कराया था। वह चारबाग का न तो व्यापारी है और न ही किसी व्यापार मंडल का पदाधिकारी। उसके खिलाफ पुलिस में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। अश्विनी पुलिस अफसरों को गुमराह कर झूठे मुकदमे दर्ज कराता है, और फिर उगाही करता है। चारबाग व्यापार मंडल का गठन नियमानुसार हुआ है।
-राजेंद्र सिंह दुआ, अध्यक्ष- चारबाग व्यापार मंडल
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