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शाइन सिटी व अनी बुलियन पर 1.82 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में एफआईआर दर्ज
Sun, 04 Oct 2020 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 01:39 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo pic
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लखनऊ के गोमतीनगर थाना में रीयल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी इन्फ्रा डवलपर्स और निवेश कंपनी अनी बुलियन व आई विजन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के निदेशकों पर 1.82 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। पुलिस उपायुक्त पूर्वी चारू निगम का कहना है कि दोनों कंपनी काफी पहले कारोबार समेटकर भाग चुकी हैं।
कंपनी के कई अधिकारी व कर्मचारी जेल में हैं। बाकी की तलाश की जा रही है। गोमतीनगर के आर स्क्वॉयर कॉम्प्लेक्स स्थित शाइन सिटी कंपनी में पीआईपी प्लान, प्लॉट व कार की बुकिंग के नाम पर रुपये निवेश करने वाले 10 लोगों ने केस किया है। इंस्पेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि निवेशकों ने दो साल पहले कंपनी में रकम लगाई थी।
करुणाकर रामकृपाल पांडेय ने पीआईपी प्लान और क्रेटा कार की बुकिंग के लिए कंपनी को कुल 26,50,000 रुपये दिया था जबकि अखिलेश पाठक ने 14,60,000, प्रेम नारायण पांडेय ने 4,24,000 रुपये, रामेश्वर प्रसाद मिश्रा ने 10 लाख रुपये, संजीव सिंह ने 14,45,000 रुपये, विनय सिंह ने 10 लाख रुपये, नवीन पांडेय ने 18 लाख रुपये, रितेश नायक ने साढ़े तीन लाख, दिपाली परमार ने 10 लाख और अफसाना ने 6,27,000 रुपये कंपनी में लगाए थे।
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निदेशक राशिद नसीम ने सभी को दो साल बाद के चेक दिए थे। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद उपरोक्त लोगों ने चेक अपनी बैंक शाखा में लगाए तो सभी चेक बाउंस हो गए। इंस्पेक्टर ने बताया, कंपनी ने सभी 10 निवेशकों का कुल 1,17,56,000 रुपये हड़प लिया और भाग गई। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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कंपनी के कई अधिकारी व कर्मचारी जेल में हैं। बाकी की तलाश की जा रही है। गोमतीनगर के आर स्क्वॉयर कॉम्प्लेक्स स्थित शाइन सिटी कंपनी में पीआईपी प्लान, प्लॉट व कार की बुकिंग के नाम पर रुपये निवेश करने वाले 10 लोगों ने केस किया है। इंस्पेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि निवेशकों ने दो साल पहले कंपनी में रकम लगाई थी।
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करुणाकर रामकृपाल पांडेय ने पीआईपी प्लान और क्रेटा कार की बुकिंग के लिए कंपनी को कुल 26,50,000 रुपये दिया था जबकि अखिलेश पाठक ने 14,60,000, प्रेम नारायण पांडेय ने 4,24,000 रुपये, रामेश्वर प्रसाद मिश्रा ने 10 लाख रुपये, संजीव सिंह ने 14,45,000 रुपये, विनय सिंह ने 10 लाख रुपये, नवीन पांडेय ने 18 लाख रुपये, रितेश नायक ने साढ़े तीन लाख, दिपाली परमार ने 10 लाख और अफसाना ने 6,27,000 रुपये कंपनी में लगाए थे।
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निदेशक राशिद नसीम ने सभी को दो साल बाद के चेक दिए थे। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद उपरोक्त लोगों ने चेक अपनी बैंक शाखा में लगाए तो सभी चेक बाउंस हो गए। इंस्पेक्टर ने बताया, कंपनी ने सभी 10 निवेशकों का कुल 1,17,56,000 रुपये हड़प लिया और भाग गई। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
निवेश के नाम पर 10 लाख रुपये ठगने के आरोप में केस दर्ज
इसी तरह विनयखंड निवासी वाणिज्य कर विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी जय प्रकाश पांडेय ने अनी बुलियन कंपनी के संचालक विराटखंड निवासी अजीत गुप्ता समेत अन्य लोगों पर निवेश के नाम पर 10 लाख रुपये ठगने के आरोप में केस दर्ज कराया है।
वहीं अमेठी के जगदीशपुर निवासी व वर्तमान में यहां सरफराजगंज में रह रहे गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव ने अनी बुलियन ट्रेडर एवं आई विजन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बकौल गोपाल, कंपनी के एजेंट ने फुसलाकर 55 लाख रुपये निवेश कराया था।
अजीत के रिश्तेदार व अयोध्या के रुदौली भवानीपुर निवासी संतोष गुप्ता ने वर्ष 2017 में उनसे अनी बुलियन कंपनी में निवेश के नाम पर रुपया लिया और एक साल बाद आई विजन सोसायटी की फर्जी सावधि जमा बांड थमा दिए। निवेश की अवधि समाप्त होने के बाद गोपाल कृष्ण ने सारे बांड जमा कर दिए। बदले में अजीत ने 55 लाख रुपये का चेक दिया जो बाउंस हो गया।
वहीं अमेठी के जगदीशपुर निवासी व वर्तमान में यहां सरफराजगंज में रह रहे गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव ने अनी बुलियन ट्रेडर एवं आई विजन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बकौल गोपाल, कंपनी के एजेंट ने फुसलाकर 55 लाख रुपये निवेश कराया था।
अजीत के रिश्तेदार व अयोध्या के रुदौली भवानीपुर निवासी संतोष गुप्ता ने वर्ष 2017 में उनसे अनी बुलियन कंपनी में निवेश के नाम पर रुपया लिया और एक साल बाद आई विजन सोसायटी की फर्जी सावधि जमा बांड थमा दिए। निवेश की अवधि समाप्त होने के बाद गोपाल कृष्ण ने सारे बांड जमा कर दिए। बदले में अजीत ने 55 लाख रुपये का चेक दिया जो बाउंस हो गया।