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सहायक महानिरीक्षक निबंधन पर फर्जी प्रमाणपत्र से नियुक्ति का मुकदमा दर्ज
Fri, 11 Dec 2020 07:07 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 11 Dec 2020 07:07 PM IST
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फर्जीवाड़ा
लखनऊ में गोमतीनगर थाना में प्रयागराज मुख्यालय के तत्कालीन सहायक महानिरीक्षक निबंधन अशोक कुमार पर फर्जी प्रमाणपत्र से नियुक्ति पाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इंस्पेक्टर धीरज कुमार सिंह का कहना है कि विश्वासखंड स्थित कार्यालय महानिरीक्षक निबंधन के अधिकारी दीप सिंह की तरफ से केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी अधिकारी अशोक कुमार को अक्तूबर में बर्खास्त किया जा चुका है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि अशोक कुमार पर लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अशोक कुमार ने शासकीय सेवा हासिल करने के लिए अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया था। उन्हें प्रयागराज मुख्यालय में तैनाती दी गई थी। उनकी तरफ से प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाणपत्र की जांच कराई गई तो वह फर्जी निकला। उत्तर प्रदेश शासन के स्टॉम्प एवं निबंधन विभाग ने 28 अक्तूबर को उन्हें बर्खास्त कर दिया था। बकौल इंस्पेक्टर, 13 नवंबर को शासन ने अशोक कुमार और उनके साथ फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। केस दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा को सौंपी गई है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि अशोक कुमार पर लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अशोक कुमार ने शासकीय सेवा हासिल करने के लिए अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया था। उन्हें प्रयागराज मुख्यालय में तैनाती दी गई थी। उनकी तरफ से प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाणपत्र की जांच कराई गई तो वह फर्जी निकला। उत्तर प्रदेश शासन के स्टॉम्प एवं निबंधन विभाग ने 28 अक्तूबर को उन्हें बर्खास्त कर दिया था। बकौल इंस्पेक्टर, 13 नवंबर को शासन ने अशोक कुमार और उनके साथ फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। केस दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा को सौंपी गई है।
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