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Lucknow: सीआरपीएफ कमांडेंट पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज, चार शहरों में सीबीआई का छापा
Sun, 19 Mar 2023 08:18 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 19 Mar 2023 08:18 AM IST
सार
सीआरपीएफ मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी आईजी वितुल कुमार ने नौ जून 2022 को नीरज कुमार पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने की शिकायत सीबीआई निदेशक से की थी। सीबीआई निदेशक ने इस मामले की जांच का जिम्मा लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपा था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीआरपीएफ की 93वीं वाहिनी लखनऊ के कमांडेंट नीरज कुमार पांडेय के खिलाफ सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है। साथ ही, चार शहरों में स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारकर तमाम अहम सुबूत एकत्र किए हैं।
सीआरपीएफ के मुख्य सतर्कता अधिकारी की शिकायत पर सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच नीरज कुमार पर लगे आरोपों की बीते आठ महीनों से जांच कर रही थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर गत 16 मार्च को केस दर्ज किया गया, जिसके बाद शनिवार सीबीआई की टीमों ने लखनऊ, दिल्ली, नोएडा और मिर्जापुर स्थित उनके पांच ठिकानों को खंगाला। देर रात तक उनके ठिकानों पर छापे की कार्रवाई जारी थी।
सीआरपीएफ मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी आईजी वितुल कुमार ने नौ जून 2022 को नीरज कुमार पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने की शिकायत सीबीआई निदेशक से की थी। सीबीआई निदेशक ने इस मामले की जांच का जिम्मा लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपा था।
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जांच में सामने आया कि नीरज कुमार पांडेय ने एक जनवरी 2014 से 31 दिसंबर 2022 के बीच अपने और परिजनों के नाम पर 1.44 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अर्जित की। वहीं इस अवधि में उन्होंने और उनके परिजनों ने 9.37 करोड़ रुपये अलग-अलग मदों में खर्च भी किए। जबकि इस अवधि में नीरज कुमार पांडेय और उनके परिजनों की समस्त वैध स्रोतों से कुल आय 5.20 करोड़ रुपये पाई गयी।
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सीआरपीएफ के मुख्य सतर्कता अधिकारी की शिकायत पर सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच नीरज कुमार पर लगे आरोपों की बीते आठ महीनों से जांच कर रही थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर गत 16 मार्च को केस दर्ज किया गया, जिसके बाद शनिवार सीबीआई की टीमों ने लखनऊ, दिल्ली, नोएडा और मिर्जापुर स्थित उनके पांच ठिकानों को खंगाला। देर रात तक उनके ठिकानों पर छापे की कार्रवाई जारी थी।
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सीआरपीएफ मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी आईजी वितुल कुमार ने नौ जून 2022 को नीरज कुमार पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने की शिकायत सीबीआई निदेशक से की थी। सीबीआई निदेशक ने इस मामले की जांच का जिम्मा लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपा था।
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जांच में सामने आया कि नीरज कुमार पांडेय ने एक जनवरी 2014 से 31 दिसंबर 2022 के बीच अपने और परिजनों के नाम पर 1.44 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अर्जित की। वहीं इस अवधि में उन्होंने और उनके परिजनों ने 9.37 करोड़ रुपये अलग-अलग मदों में खर्च भी किए। जबकि इस अवधि में नीरज कुमार पांडेय और उनके परिजनों की समस्त वैध स्रोतों से कुल आय 5.20 करोड़ रुपये पाई गयी।
इस तरह उन्होंने अपनी आय से दोगुना से अधिक व्यय किया। सीआरपीएफ की ओर से हुई शिकायत में नीरज कुमार पांडेय की गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रिहायशी भूखंड, वाराणसी में कृषि एवं रिहायशी भूमि, पत्नी सुमन पांडेय के नाम पर वाराणसी में दो अलग-अलग स्थानों पर कृषि भूमि, रांची में अचल संपत्ति, दिल्ली की कल्पतरु एक्सपोर्ट कंपनी में पत्नी, बेटे और बेटी के नाम खरीदे गए शेयर का उल्लेख भी किया था।
सीबीआई जांच में आरोप सही पाए जाने पर नीरज पांडेय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद सुबूत एकत्र करने के लिए उनके ठिकानों पर छापा मारा गया।
बैंक खातों से हुआ 6.18 करोड़ का लेन-देन
छापेमारी में रांची, वाराणसी, नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर नीरज कुमार और उनके परिजनों की 4.60 करोड़ रुपये की संपत्तियां होने का पता चला है। साथ ही, नीरज कुमार और उनके परिजनों के बैंक खातों में 1.02 करोड़ की नगदी और एफडीआर मिली है। इसके अलावा नीरज कुमार और उनकी पत्नी के बैंक खातों से 6.18 करोड़ रुपये का लेन-देन होने का प्रमाण मिला है। छापे के दौरान नीरज, उनके परिजनों और करीबियों के नाम करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज, शेयर और जेवरात बरामद किए जा चुके हैं।
छापेमारी में रांची, वाराणसी, नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर नीरज कुमार और उनके परिजनों की 4.60 करोड़ रुपये की संपत्तियां होने का पता चला है। साथ ही, नीरज कुमार और उनके परिजनों के बैंक खातों में 1.02 करोड़ की नगदी और एफडीआर मिली है। इसके अलावा नीरज कुमार और उनकी पत्नी के बैंक खातों से 6.18 करोड़ रुपये का लेन-देन होने का प्रमाण मिला है। छापे के दौरान नीरज, उनके परिजनों और करीबियों के नाम करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज, शेयर और जेवरात बरामद किए जा चुके हैं।