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बर्खास्तगी के बाद विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज
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बर्खास्तगी के बाद विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज
स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य पर जालसाजी का आरोप
गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य विजय कुमार गुप्ता पर जालसाजी के आरोप में गुडंबा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी के निर्देश पर की गई है।
खेल मंत्री ने सोमवार को बताया कि विजय कुमार गुप्ता ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर स्पोर्ट्स कॉलेज में नौकरी हासिल की थी। क्रीड़ा अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विजय कुमार के खिलाफ काफी आरोप लगे थे। इसके अलावा विभाग में बजट के दुरुपयोग का पता चला था। इस मामले की जांच में 5.5 करोड़ रुपये की अनियमितता पाई गई थी। जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें प्रधानाचार्य के पद से हटा दिया गया था। विजय कुमार के अनुभव प्रमाण पत्र भी जांच में गलत पाए गए हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 2002 में एमए (इतिहास), 2003 में कानपुर से बीएड किया है। खेल मंत्री ने बताया कि विजय कुमार ने वर्ष 2000 से प्री-डे एंड केयर इंटर कॉलेज राजाजीपुरम लखनऊ में हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में इतिहास विषय पढ़ाने का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट है कि बीएड मात्र संस्थागत रूप में किया जाता है, जिसमें रेगुलर क्लासेज ली जाती हैं। इसके अलावा टीचिंग प्रैक्टिस भी करनी होती है। इस लिहाज से राजाजीपुरम में पढ़ाते हुए बीएड करना संभव नहीं दिखता। इसके अलावा उन पर और भी कई तरह के आरोप हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए एफआईआर करवाई गई है।
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स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य पर जालसाजी का आरोप
गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य विजय कुमार गुप्ता पर जालसाजी के आरोप में गुडंबा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी के निर्देश पर की गई है।
खेल मंत्री ने सोमवार को बताया कि विजय कुमार गुप्ता ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर स्पोर्ट्स कॉलेज में नौकरी हासिल की थी। क्रीड़ा अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विजय कुमार के खिलाफ काफी आरोप लगे थे। इसके अलावा विभाग में बजट के दुरुपयोग का पता चला था। इस मामले की जांच में 5.5 करोड़ रुपये की अनियमितता पाई गई थी। जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें प्रधानाचार्य के पद से हटा दिया गया था। विजय कुमार के अनुभव प्रमाण पत्र भी जांच में गलत पाए गए हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 2002 में एमए (इतिहास), 2003 में कानपुर से बीएड किया है। खेल मंत्री ने बताया कि विजय कुमार ने वर्ष 2000 से प्री-डे एंड केयर इंटर कॉलेज राजाजीपुरम लखनऊ में हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में इतिहास विषय पढ़ाने का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट है कि बीएड मात्र संस्थागत रूप में किया जाता है, जिसमें रेगुलर क्लासेज ली जाती हैं। इसके अलावा टीचिंग प्रैक्टिस भी करनी होती है। इस लिहाज से राजाजीपुरम में पढ़ाते हुए बीएड करना संभव नहीं दिखता। इसके अलावा उन पर और भी कई तरह के आरोप हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए एफआईआर करवाई गई है।
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