{"_id":"674081143c46565bd8072ff8","slug":"case-against-former-sdms-assistant-and-associate-for-embezzling-rs-16-lakh-lucknow-news-c-13-knp1050-962464-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एसडीएम के पूर्व पेशकार व साथी पर 16 लाख हड़पने का केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एसडीएम के पूर्व पेशकार व साथी पर 16 लाख हड़पने का केस
Fri, 22 Nov 2024 06:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 22 Nov 2024 06:33 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ। मलिहाबाद तहसील में तैनात एसडीएम के पूर्व पेशकार व उसके एक साथी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकाने का केस दर्ज किया गया है। आरोपी ने एक व्यक्ति से जमीन दिलाने के नाम पर 16 लाख रुपये ठगे थे। आरोपी कर्मचारी फिलहाल निलंबित चल रहा है।
रहीमाबाद भतोइया निवासी राघवेंद्र सिंह के मुताबिक वर्ष 2021 में मलिहाबाद तहसील में तैनात एसडीएम के पेशकार निर्भय सिंह से मुलाकात हुई थी। निर्भय ने बताया कि उसका तबादला हो गया है और वह मोहान रोड स्थित तीन हजार वर्गफीट का प्लॉट बेच रहा है। जमीन की कीमत 800 रुपये प्रति वर्ग तय हुई। राघवेंद्र ने 16 लाख रुपये एडवांस दे दिए। बचे आठ लाख रुपये बैनामे के दौरान देना तय हुआ। इस बीच निर्भय का तबादला सदर तहसील हो गया और रजिस्ट्री की बात पर वह टालमटोल करने लगा।
शक होने पर राघवेंद्र ने छानबीन की तो पता चला कि जमीन निर्भय की नहीं है। पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपी बहाने बनाने लगा और अपना तबादला सरोजनीनगर तहसील करवा लिया। कुछ दिन बाद उसको राजस्व वसूली विभाग में तैनाती मिल गई और उसे मलिहाबाद तहसील भेज दिया गया। आरोप है कि निर्भय सिंह व उसके साथी मनीष तिवारी ने रुपये वापस मांगने पर उनके साथ हाथापाई करते हुए धमकाया। पीड़ित ने डीसीपी पश्चिम से मिलकर शिकायत की। उनके आदेश पर 20 नवंबर को निर्भय और मनीष पर केस दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र साहू ने बताया कि आरोपी निर्भय सिंह निलंबित चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रहीमाबाद भतोइया निवासी राघवेंद्र सिंह के मुताबिक वर्ष 2021 में मलिहाबाद तहसील में तैनात एसडीएम के पेशकार निर्भय सिंह से मुलाकात हुई थी। निर्भय ने बताया कि उसका तबादला हो गया है और वह मोहान रोड स्थित तीन हजार वर्गफीट का प्लॉट बेच रहा है। जमीन की कीमत 800 रुपये प्रति वर्ग तय हुई। राघवेंद्र ने 16 लाख रुपये एडवांस दे दिए। बचे आठ लाख रुपये बैनामे के दौरान देना तय हुआ। इस बीच निर्भय का तबादला सदर तहसील हो गया और रजिस्ट्री की बात पर वह टालमटोल करने लगा।
विज्ञापन
शक होने पर राघवेंद्र ने छानबीन की तो पता चला कि जमीन निर्भय की नहीं है। पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपी बहाने बनाने लगा और अपना तबादला सरोजनीनगर तहसील करवा लिया। कुछ दिन बाद उसको राजस्व वसूली विभाग में तैनाती मिल गई और उसे मलिहाबाद तहसील भेज दिया गया। आरोप है कि निर्भय सिंह व उसके साथी मनीष तिवारी ने रुपये वापस मांगने पर उनके साथ हाथापाई करते हुए धमकाया। पीड़ित ने डीसीपी पश्चिम से मिलकर शिकायत की। उनके आदेश पर 20 नवंबर को निर्भय और मनीष पर केस दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र साहू ने बताया कि आरोपी निर्भय सिंह निलंबित चल रहा है।
विज्ञापन