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छात्राओं के खाने में नुकसानदेह पदार्थ की मिलावट का अंदेशा, आलमनगर स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय का मामला
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आलमनगर स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय में बासी खाना खाकर बीमार हुई छात्राओं के मामले में पुलिस-प्रशासन की जांच शुरू हो गई है। छात्राओं को दिए गए चावल में किसी नुकसानदेह पदार्थ की मिलावट होने की आशंका जताई गई है। वहीं, इस मामले में विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. वंदना त्रिवेदी ने पारा थाने में कैटरर फर्म कृष्णा इंटरप्राइजेज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी दक्षिण राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने बासी खाने की सैंपलिंग कर जांच के लिए एफएसएल लैब भी भेज दिया है। वहीं हॉस्टल व अस्पताल में मौजूद छात्राओं व उनके परिवारीजनों के चेहरे पर दहशत साफ देखी जा सकती है। घटना के दूसरे दिन छात्राएं कैंटीन का खाना न खाने पर अड़ी रहीं।
भोजन चेक करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति
डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि भोजन आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। विद्यालय में गणित व भौतिकी के अध्यापकों को अग्रिम स्थाई व्यवस्था होने तक तत्काल प्रभाव से संबद्ध कर दिया गया है, जिससे छात्राओं को पठन-पाठन में दिक्कत न हो। 27 नवंबर की शाम भोजन चेक करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध निदेशक समाज कल्याण को पत्र भेजा गया है। संस्था की प्रधानाध्यापक से भी पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संस्था में नियुक्त गार्ड के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई के लिए जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
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फास्ट ट्रैक जांच कराएगा एफएसडीए
एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश मिश्रा ने बताया कि विद्यालय में टीम भेजकर खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कराई गई है। हमने फास्ट ट्रैक जांच कराने का निर्णय लिया है। इस अति संवेदनशील प्रकरण में जल्द से जल्द खाद्य पदार्थ की जांच कर रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
2018 से लगातार दी गई फर्म को चेतावनी
आश्रम पद्धति विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना त्रिवेदी ने अपनी तहरीर में लिखा है कि कृष्णा इंटरप्राइजेज को वर्ष 2018 से कई बार विभिन्न तिथियों पर भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने की चेतावनी जारी की गई। वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी फर्म को भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने की चेतावनी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने से फर्म घटिया भोजन सप्लाई कर रही थी।
लोकबंधु अस्पताल में 19 छात्राएं भर्ती, एक केजीएमयू रेफर
घटिया खाना खाकर बीमार पड़ी तीन और छात्राओं को रविवार को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। जबकि एक छात्रा को बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर डिस्चार्ज कराकर ले गए हैं। वहीं दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती छात्राओं का हाल लिया। डॉक्टरों को उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
तीन और छात्राएं अंजली, खुशी, स्वागती रविवार को अस्पताल में भर्ती हुई हैं। वहीं शनिवार रात अस्पताल में भर्ती हुई छात्राएं चांदनी, पल्लवी, हिमांशी तिवारी, रोली पाल, मुस्कान, रुचि यादव, प्रियंका रावत, कंचन वर्मा, मनीषा राज, तनु, प्रियांशी, हिमांशी, कंचन, सुषमा, कुमकुम, वर्षा अस्पताल में भर्ती हैं। छात्राओं का आरोप है खाना खाने के बाद ही उन्हें उल्टियां शुरू हो गई थीं। जबकि कुछ छात्राओं में पेट में मरोड़ हो रहा था। इस दौरान कुछ छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया था। एक-एक करके 17 छात्राएं शनिवार रात तक अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। इसमें एक छात्रा रेखा वर्मा को परिजन बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लेकर चले गए। वहीं दोपहर बाद सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर बीमार छात्राओं का हाल लिया। इस दौरान एक-एक बेड पर जाकर छात्रा से बात की। सीएमओ ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सभी छात्राओं को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक, सभी छात्राओं की हालत में अब सुधार हैं, उन्हें देखरेख में रखा गया है। बताया एक-दो दिन में छात्राओं को डिस्चार्ज किया जाएगा।
दो दिन का बासी चावल परोसा गया था
छात्रा रेनू रावत ने बताया शनिवार रात तीन कंटनेर में चावल आया था। इसमें दो कंटेनर का चावल नया था। जबकि तीसरे कंटेनर में दो दिन पुराना बासी चावल था। कुछ छात्राओं को यह चावल परोसा गया था। खाना खाने के बीस मिनट बाद ही बासी चावल खाने वाली छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी।
कैटरर भाग खड़ा हुआ
इस दौरान कैटरर फहीम वहां से बचा हुआ खाना लेकर भाग खड़ा हुआ था। छात्राओं ने मांग की है कि वह अब कैटरर का खाना खाने के बजाय मेस में सामने खाना बनवाएंगी। वहीं छात्राओं का आरोप है कैटरर के जरिए भेजे जा रहे खाने को लेकर पहले भी कई शिकायतें थीं। कॉलेज प्रशासन से कई दफा कहा गया मगर सुनवाई नहीं हुई।
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एडीसीपी दक्षिण राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने बासी खाने की सैंपलिंग कर जांच के लिए एफएसएल लैब भी भेज दिया है। वहीं हॉस्टल व अस्पताल में मौजूद छात्राओं व उनके परिवारीजनों के चेहरे पर दहशत साफ देखी जा सकती है। घटना के दूसरे दिन छात्राएं कैंटीन का खाना न खाने पर अड़ी रहीं।
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भोजन चेक करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति
डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि भोजन आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। विद्यालय में गणित व भौतिकी के अध्यापकों को अग्रिम स्थाई व्यवस्था होने तक तत्काल प्रभाव से संबद्ध कर दिया गया है, जिससे छात्राओं को पठन-पाठन में दिक्कत न हो। 27 नवंबर की शाम भोजन चेक करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध निदेशक समाज कल्याण को पत्र भेजा गया है। संस्था की प्रधानाध्यापक से भी पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संस्था में नियुक्त गार्ड के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई के लिए जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
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फास्ट ट्रैक जांच कराएगा एफएसडीए
एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश मिश्रा ने बताया कि विद्यालय में टीम भेजकर खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कराई गई है। हमने फास्ट ट्रैक जांच कराने का निर्णय लिया है। इस अति संवेदनशील प्रकरण में जल्द से जल्द खाद्य पदार्थ की जांच कर रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
2018 से लगातार दी गई फर्म को चेतावनी
आश्रम पद्धति विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना त्रिवेदी ने अपनी तहरीर में लिखा है कि कृष्णा इंटरप्राइजेज को वर्ष 2018 से कई बार विभिन्न तिथियों पर भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने की चेतावनी जारी की गई। वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी फर्म को भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने की चेतावनी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने से फर्म घटिया भोजन सप्लाई कर रही थी।
लोकबंधु अस्पताल में 19 छात्राएं भर्ती, एक केजीएमयू रेफर
घटिया खाना खाकर बीमार पड़ी तीन और छात्राओं को रविवार को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। जबकि एक छात्रा को बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर डिस्चार्ज कराकर ले गए हैं। वहीं दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती छात्राओं का हाल लिया। डॉक्टरों को उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
तीन और छात्राएं अंजली, खुशी, स्वागती रविवार को अस्पताल में भर्ती हुई हैं। वहीं शनिवार रात अस्पताल में भर्ती हुई छात्राएं चांदनी, पल्लवी, हिमांशी तिवारी, रोली पाल, मुस्कान, रुचि यादव, प्रियंका रावत, कंचन वर्मा, मनीषा राज, तनु, प्रियांशी, हिमांशी, कंचन, सुषमा, कुमकुम, वर्षा अस्पताल में भर्ती हैं। छात्राओं का आरोप है खाना खाने के बाद ही उन्हें उल्टियां शुरू हो गई थीं। जबकि कुछ छात्राओं में पेट में मरोड़ हो रहा था। इस दौरान कुछ छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया था। एक-एक करके 17 छात्राएं शनिवार रात तक अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। इसमें एक छात्रा रेखा वर्मा को परिजन बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लेकर चले गए। वहीं दोपहर बाद सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर बीमार छात्राओं का हाल लिया। इस दौरान एक-एक बेड पर जाकर छात्रा से बात की। सीएमओ ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सभी छात्राओं को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक, सभी छात्राओं की हालत में अब सुधार हैं, उन्हें देखरेख में रखा गया है। बताया एक-दो दिन में छात्राओं को डिस्चार्ज किया जाएगा।
दो दिन का बासी चावल परोसा गया था
छात्रा रेनू रावत ने बताया शनिवार रात तीन कंटनेर में चावल आया था। इसमें दो कंटेनर का चावल नया था। जबकि तीसरे कंटेनर में दो दिन पुराना बासी चावल था। कुछ छात्राओं को यह चावल परोसा गया था। खाना खाने के बीस मिनट बाद ही बासी चावल खाने वाली छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी।
कैटरर भाग खड़ा हुआ
इस दौरान कैटरर फहीम वहां से बचा हुआ खाना लेकर भाग खड़ा हुआ था। छात्राओं ने मांग की है कि वह अब कैटरर का खाना खाने के बजाय मेस में सामने खाना बनवाएंगी। वहीं छात्राओं का आरोप है कैटरर के जरिए भेजे जा रहे खाने को लेकर पहले भी कई शिकायतें थीं। कॉलेज प्रशासन से कई दफा कहा गया मगर सुनवाई नहीं हुई।