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मेक माय ट्रिप की गलती की वजह से छोड़ी विदेश यात्रा, कंपनी को ब्याज समेत रुपये लौटाने का हुआ आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 23 Jul 2018 02:54 PM IST
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होटल बुकिंग और अन्य सेवाएं देने वाली वेबसाइट मेक माय ट्रिप को जिला उपभोक्ता फोरम ने लापरवाही का दोषी पाया है। उसे ब्याज के साथ 3.18 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया गया है। कंपनी की लापरवाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि शिकायतकर्ता के बेटे का टिकट में जेंडर ही बदल दिया।
वहीं, मकाऊ में चार लोगों के लिए रॉयल सुईट रूम की जगह डबल बेडरूम दे दिया गया। कंपनी की गलती से शिकायतकर्ता के परिवार को विदेश यात्रा ही स्थगित करनी पड़ी। लखनऊ के राजेश सिंह चौहान ने शिकायत की कि उन्होंने पत्नी प्रतिमा चौहान, बेटे तनिष्क, बेटी अनुष्का के साथ हांगकांग और मकाऊ के लिए विदेश यात्रा की योजना बनाई।
कंपनी के लोगों ने उन्हें हांगकांग में चार रातें और मकाऊ में दो रात रुकने का खर्च 3.18 लाख रुपये बताया। इस पर उन्होंने 13 जून 2015 को बुकिंग करा दी। वेबसाइट चलाने वाली कंपनी ने उनके लिए इंतजाम नई दिल्ली से किए। ऐसे में नई दिल्ली आने-जाने के लिए भी उन्होंने लखनऊ से टिकट बुक कराए, जिस पर 23,728 हजार रुपये खर्च हुए।
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राजेश चौहान ने बताया कि कंपनी ने यात्रा की जानकारी जैसे हवाई टिकट, होटल बुकिंग की डिटेज भेजी। इसमें पता चला कि उनके बेटे को फीमेल लिख दिया गया है। वहीं, मकाऊ में रॉयल सुईट की जगह डबल रूम अतिरिक्त बेड के साथ कर दिया। इसके लिए उनसे पूछा तक नहीं गया। शिकायत के बाद भी दोनों दिक्कतों को दूर नहीं किया गया। बेटे का टिकट गलत बुक होने से भी हवाई यात्रा संभव नहीं थी। ऐसे में परिवार को यात्रा ही रद्द करनी पड़ गई।
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वहीं, मकाऊ में चार लोगों के लिए रॉयल सुईट रूम की जगह डबल बेडरूम दे दिया गया। कंपनी की गलती से शिकायतकर्ता के परिवार को विदेश यात्रा ही स्थगित करनी पड़ी। लखनऊ के राजेश सिंह चौहान ने शिकायत की कि उन्होंने पत्नी प्रतिमा चौहान, बेटे तनिष्क, बेटी अनुष्का के साथ हांगकांग और मकाऊ के लिए विदेश यात्रा की योजना बनाई।
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कंपनी के लोगों ने उन्हें हांगकांग में चार रातें और मकाऊ में दो रात रुकने का खर्च 3.18 लाख रुपये बताया। इस पर उन्होंने 13 जून 2015 को बुकिंग करा दी। वेबसाइट चलाने वाली कंपनी ने उनके लिए इंतजाम नई दिल्ली से किए। ऐसे में नई दिल्ली आने-जाने के लिए भी उन्होंने लखनऊ से टिकट बुक कराए, जिस पर 23,728 हजार रुपये खर्च हुए।
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राजेश चौहान ने बताया कि कंपनी ने यात्रा की जानकारी जैसे हवाई टिकट, होटल बुकिंग की डिटेज भेजी। इसमें पता चला कि उनके बेटे को फीमेल लिख दिया गया है। वहीं, मकाऊ में रॉयल सुईट की जगह डबल रूम अतिरिक्त बेड के साथ कर दिया। इसके लिए उनसे पूछा तक नहीं गया। शिकायत के बाद भी दोनों दिक्कतों को दूर नहीं किया गया। बेटे का टिकट गलत बुक होने से भी हवाई यात्रा संभव नहीं थी। ऐसे में परिवार को यात्रा ही रद्द करनी पड़ गई।
फीडबैक में पूछा-कैसी रही यात्रा?
डेमो
अधिवक्ता एलपी यादव ने बताया शिकायतकर्ता ने फोरम को जानकारी दी कि उनकी शिकायतों और समस्याओं को दूर करने की जगह वेबसाइट कंपनी उनसे मोबाइल पर फोन कर फीडबैक लेती रही। पूछा जा रहा था कि उनकी यात्रा कैसी रही? जबकि कंपनी की गलती से उनकी छुट्टियां बर्बाद हो गईं।
यह उनके लिए मानसिक कष्ट देने वाला था। फोरम में कंपनी ने शिकायतकर्ता के तथ्यों को गलत बताया। इस पर फोरम के अध्यक्ष शिवदान यादव और सदस्य चंचल जैन ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। फोरम ने कहा शिकायतकर्ता के बेटे के टिकट में फीमेल लिखना सीधे तौर पर गलती है।
इसे दूर करने की जगह कंपनी फीडबैक ले रही थी। शिकायतकर्ता को यात्रा और छुट्िटयां मनाने की योजना भी स्थगित करनी पड़ी। अब कंपनी उन्हें 3.18 लाख रुपये मय नौ प्रतिशत ब्याज के वापस करे। इसके अलावा 30,000 रुपये मानसिक क्लेश और विधिक व्यय के लिए भी दे।
यह उनके लिए मानसिक कष्ट देने वाला था। फोरम में कंपनी ने शिकायतकर्ता के तथ्यों को गलत बताया। इस पर फोरम के अध्यक्ष शिवदान यादव और सदस्य चंचल जैन ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। फोरम ने कहा शिकायतकर्ता के बेटे के टिकट में फीमेल लिखना सीधे तौर पर गलती है।
इसे दूर करने की जगह कंपनी फीडबैक ले रही थी। शिकायतकर्ता को यात्रा और छुट्िटयां मनाने की योजना भी स्थगित करनी पड़ी। अब कंपनी उन्हें 3.18 लाख रुपये मय नौ प्रतिशत ब्याज के वापस करे। इसके अलावा 30,000 रुपये मानसिक क्लेश और विधिक व्यय के लिए भी दे।