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लोहिया अस्पताल: ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भाशय में छोड़ दी तोलिया, पेशाब के रास्ते से निकाला
हिमांशु अवस्थी, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:05 PM IST
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लोहिया में भर्ती संगीता
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के लोहिया अस्पताल में महिला डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सीजेरियन ऑपरेशन के बाद तौलिया महिला के गर्भाशय में छोड़ दिया गया। इससे उसके पेट में दर्द रहने लगा। डेढ़ माह बाद सोमवार सुबह पेशाब के रास्ते से तौलिया लटक आया। महिला ने उसे किसी तरह बाहर निकाला। इसके बाद लोहिया की डॉक्टर को दिखाया। महिला को दोबारा भर्ती किया गया है।
बाराबंकी के मुबारकपुर गदिया निवासी धीरेंद्र की 24 वर्षीय पत्नी संगीता को 7 अक्तूबर को प्रसव पीड़ा होने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सीजेरियन ऑपेरशन से डिलीवरी करवाई। हालांकि डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही से महिला के गर्भाशय में छोटा तौलिया छूट गया।
संगीता का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से अक्सर रुक-रुककर पेट-पेशाब के रास्ते में दर्द उठता था। सोमवार तड़के संगीता शौच को गई तो पेशाब के रास्ते से तौलिया लटक आया। उसने किसी तरह से उसे निकाला।
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दोपहर को पति संग लोहिया अस्पताल पहुंची संगीता ने ओपीडी में डॉ. नीलम अहिरवार को तौलिया दिखाया। इसके बाद आनन-फानन संगीता को भर्ती कर लिया। उसके पेट में संक्रमण फैल गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला स्वस्थ है।
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बाराबंकी के मुबारकपुर गदिया निवासी धीरेंद्र की 24 वर्षीय पत्नी संगीता को 7 अक्तूबर को प्रसव पीड़ा होने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सीजेरियन ऑपेरशन से डिलीवरी करवाई। हालांकि डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही से महिला के गर्भाशय में छोटा तौलिया छूट गया।
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संगीता का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से अक्सर रुक-रुककर पेट-पेशाब के रास्ते में दर्द उठता था। सोमवार तड़के संगीता शौच को गई तो पेशाब के रास्ते से तौलिया लटक आया। उसने किसी तरह से उसे निकाला।
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दोपहर को पति संग लोहिया अस्पताल पहुंची संगीता ने ओपीडी में डॉ. नीलम अहिरवार को तौलिया दिखाया। इसके बाद आनन-फानन संगीता को भर्ती कर लिया। उसके पेट में संक्रमण फैल गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला स्वस्थ है।
लापरवाही छिपाने के लिए दिया प्राइवेट वार्ड
डेमो
ऑपरेशन करने वाली टीम में अस्पताल के निदेशक की पत्नी भी थी। ऐसे में मामले को दबाने के लिए अफसरों ने संगीता को वार्ड के बजाय प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया है। गौरतलब है कि ओटी सिस्टर इंचार्ज की जिम्मेदारी है कि ऑपरेशन में जितना भी सामान लगाया जाए, पेट सिलने से पहले उसकी गिनती करे। डॉक्टर पेट सिलने से पहले गिनती कराते हैं। ओटी सिस्टर व स्टाफ के सामान की गणना के बाद ही पेट सिला जाता है।
क्वीन मेरी में छोड़ दिया था रूई का बंडल
आठ साल पहले क्वीन मेरी अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में रूई का बंडल छूट गया था। इससे संक्रमण हो गया था। जांच में मामला सामने आने पर दोबारा ऑपरेशन कर पेट से रूई निकाली थी।
हुआ था संक्रमण, पर अब महिला स्वस्थ
महिला को डिस्चार्ज करने से पहले 11 अक्तूबर को अल्ट्रासाउंड हुआ था। इसकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ नहीं दिखा था। हो सकता है कि ऑपरेशन में पेशाब मार्ग की सफाई के दौरान तौलिया छूट गई हो। महिला को संक्रमण हुआ था। अब वह बिल्कुल ठीक है। - डॉ. डीएस नेगी, निदेशक लोहिया अस्पताल
क्वीन मेरी में छोड़ दिया था रूई का बंडल
आठ साल पहले क्वीन मेरी अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में रूई का बंडल छूट गया था। इससे संक्रमण हो गया था। जांच में मामला सामने आने पर दोबारा ऑपरेशन कर पेट से रूई निकाली थी।
हुआ था संक्रमण, पर अब महिला स्वस्थ
महिला को डिस्चार्ज करने से पहले 11 अक्तूबर को अल्ट्रासाउंड हुआ था। इसकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ नहीं दिखा था। हो सकता है कि ऑपरेशन में पेशाब मार्ग की सफाई के दौरान तौलिया छूट गई हो। महिला को संक्रमण हुआ था। अब वह बिल्कुल ठीक है। - डॉ. डीएस नेगी, निदेशक लोहिया अस्पताल