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Lucknow News: ड्रोन व डाटा के पंखों से और ऊंची होगी कॅरिअर की उड़ान
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राजकीय पॉलीटेक्निक में ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा की अत्याधुनिक प्रयोगशाला लगभग बनकर तैय
लखनऊ। इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए अब कॅरिअर की उड़ान सच में उड़ान बन जाएगी। राजधानी लखनऊ के राजकीय पॉलीटेक्निक में ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा की अत्याधुनिक प्रयोगशाला लगभग बनकर तैयार है। इसी माह से छात्र यहां प्रशिक्षण लेना शुरू कर सकेंगे।
इन लैबों के माध्यम से विद्यार्थी न सिर्फ ड्रोन उड़ाना सीखेंगे, बल्कि उसका निर्माण और तकनीकी विश्लेषण भी कर पाएंगे। साथ ही साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक और तेजी से बढ़ते क्षेत्र में भी उन्हें गहन प्रशिक्षण मिलेगा।
हर क्षेत्र में बढ़ रही ड्रोन की मांग
आज ड्रोन तकनीक की मांग शादी-विवाह, कृषि, मेडिकल, सांस्कृतिक आयोजनों से लेकर पुलिस, बिजली और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक बढ़ चुकी है। इसी को देखते हुए देशभर के तकनीकी संस्थानों में ड्रोन टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रमों की गति भी तेज हुई है। पहले केवल सामान्य प्रशिक्षण तक सीमित कोर्स अब एक से दो वर्षों के नियमित कोर्स का रूप ले चुके हैं।
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संस्थान के प्रधानाचार्य संदीप कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा में दो नए इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किए गए थे। लेकिन प्रयोगशालाओं के अभाव में छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। प्राविधिक शिक्षा परिषद की पहल पर अब दोनों कोर्स के लिए अत्याधुनिक लैब तैयार हो चुकी हैं। इससे हर साल करीब 300 छात्र व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में अपने करियर की ऊंची उड़ान भर सकेंगे।
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इन लैबों के माध्यम से विद्यार्थी न सिर्फ ड्रोन उड़ाना सीखेंगे, बल्कि उसका निर्माण और तकनीकी विश्लेषण भी कर पाएंगे। साथ ही साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक और तेजी से बढ़ते क्षेत्र में भी उन्हें गहन प्रशिक्षण मिलेगा।
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हर क्षेत्र में बढ़ रही ड्रोन की मांग
आज ड्रोन तकनीक की मांग शादी-विवाह, कृषि, मेडिकल, सांस्कृतिक आयोजनों से लेकर पुलिस, बिजली और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक बढ़ चुकी है। इसी को देखते हुए देशभर के तकनीकी संस्थानों में ड्रोन टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रमों की गति भी तेज हुई है। पहले केवल सामान्य प्रशिक्षण तक सीमित कोर्स अब एक से दो वर्षों के नियमित कोर्स का रूप ले चुके हैं।
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संस्थान के प्रधानाचार्य संदीप कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा में दो नए इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किए गए थे। लेकिन प्रयोगशालाओं के अभाव में छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। प्राविधिक शिक्षा परिषद की पहल पर अब दोनों कोर्स के लिए अत्याधुनिक लैब तैयार हो चुकी हैं। इससे हर साल करीब 300 छात्र व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में अपने करियर की ऊंची उड़ान भर सकेंगे।