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Lucknow News: कैंसर संस्थान में मेडिकल अफसर की भर्ती परीक्षा निरस्त
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कैंसर संस्थान।
लखनऊ। कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर की भर्ती में आरक्षण की अनदेखी का मामला सामने आया है। शासन के निर्देश पर संस्थान ने परीक्षा के बाद सीएमओ की भर्ती निरस्त कर दी है। अब फिर से विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
संस्थान में सीएमओ के नियमित चार पद हैं। इनमें एक डॉक्टर ने 17 अप्रैल 2025 को इस्तीफा दे दिया था। 26 फरवरी को इस खाली पद को भरने के लिए भर्ती निकाली गई, जिसके लिए 20 एमबीबीएस डॉक्टरों ने आवेदन किया। दो मई को परीक्षा हुई, जिसमें 12 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
इस भर्ती में आरक्षण की अनदेखी की शासन में शिकायत हुई, जिसके बाद संस्थान ने जांच कराई, तो आरक्षण गलत लगने की पुष्टि हुई। सात मई को संस्थान ने परीक्षा निरस्त कर दी और आठ मई को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला को पत्र भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी। बताया कि सीएमओ के एक पद के लिए अनुसूचित जाति का पद विज्ञापित किया गया, जबकि रोस्टर के हिसाब से यह पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए था, जिसे ठीक किया जा रहा है। अब नए सिरे से विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
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400 से अधिक मरीज आ रहे हैं ओपीडी में
कैंसर संस्थान में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। करीब 300 बेड पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। संस्थान में डॉक्टरों की कमी के चलते नए विभाग शुरू नहीं हो पा रहे हैं। वहीं कई डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने से कई विभागों में ताला लग रहा है। हाल ही में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग की इकलौती डॉक्टर ने नौकरी छोड़ दिया था। वहीं भर्ती प्रक्रिया में भी तमाम तरह की लापरवाही बरती जा रही है।
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संस्थान में सीएमओ के नियमित चार पद हैं। इनमें एक डॉक्टर ने 17 अप्रैल 2025 को इस्तीफा दे दिया था। 26 फरवरी को इस खाली पद को भरने के लिए भर्ती निकाली गई, जिसके लिए 20 एमबीबीएस डॉक्टरों ने आवेदन किया। दो मई को परीक्षा हुई, जिसमें 12 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
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इस भर्ती में आरक्षण की अनदेखी की शासन में शिकायत हुई, जिसके बाद संस्थान ने जांच कराई, तो आरक्षण गलत लगने की पुष्टि हुई। सात मई को संस्थान ने परीक्षा निरस्त कर दी और आठ मई को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला को पत्र भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी। बताया कि सीएमओ के एक पद के लिए अनुसूचित जाति का पद विज्ञापित किया गया, जबकि रोस्टर के हिसाब से यह पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए था, जिसे ठीक किया जा रहा है। अब नए सिरे से विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
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400 से अधिक मरीज आ रहे हैं ओपीडी में
कैंसर संस्थान में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। करीब 300 बेड पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। संस्थान में डॉक्टरों की कमी के चलते नए विभाग शुरू नहीं हो पा रहे हैं। वहीं कई डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने से कई विभागों में ताला लग रहा है। हाल ही में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग की इकलौती डॉक्टर ने नौकरी छोड़ दिया था। वहीं भर्ती प्रक्रिया में भी तमाम तरह की लापरवाही बरती जा रही है।