ये कौन हैं, जो दफ्तर में फरमा रहे थे आराम
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कंज्यूमर एप्लीकेशन फार्म (कैफ) भरवाने में लापरवाही बरतना मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) को भारी पड़ा है।
जिला प्रशासन की तरफ से मनोरंजन कर विभाग ने इस लेटलतीफी पर दो एमएसओ के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी की तरफ से यह
नोटिस एमएसओ डेन नेटवर्क व डीजी एंज्वाय के संचालक को भेजते हुए तीन दिन
में जवाब मांगा गया है।
इसमें कैफ के अभाव में एसटीबी (सेट टॉप बॉक्स) की
वास्तविक संख्या न बता पाने पर इनकी अनुमानित संख्या के आधार पर ही टैक्स
निर्धारण कर वसूली को चेताया गया है।
दूसरी तरफ दोनों ही एमएसओ ने विभाग की
इस कार्रवाई को अनुचित बताया है। उनका कहना है कि पूर्व में तीन दर्जन
केबल ऑपरेटरों का बकाया लाखों का टैक्स तो विभागीय अधिकारी वसूल नहीं पा
रहे और अब अपनी खामी छिपाने को नोटिस जारी कर रहे हैं।
मनोरंजन
कर विभाग की जिला इकाई ने शहर में लगाए गए सेट टॉप बॉक्स (एसटीबी) की
वास्तविक संख्या का आंकलन करने को 31 अगस्त तक कैफ फार्म भरवाने की मियाद
तय की है।
बीते चार माह में कई बार फार्म भरवाने की तय तिथि बढ़ाने के बाद
भी कैफ भरवाने में एमएसओ स्तर पर शिथिलता बरतने से अभी भी तीस फीसदी
उपभोक्ताओं के फार्म भरवाना बाकी है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो एसटीबी
सेटों की वास्तविक संख्या न मिल पाने के कारण ही विभागीय स्तर पर मनोरंजन
कर टैक्स की दर का निर्धारण करने में दिक्कत आ रही है।
मनोरंजन
कर उपायुक्त सीपी त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि एसटीबी उपभोक्ताओं की
वास्तविक संख्या तय न हो पाने के लिए अब दोनों एमएसओ को ही जिम्मेदार माना गया है।
शहरी क्षेत्र में लगाए गए अनुमानित 3.21 लाख एसटीबी सेटों के आधार पर
मनोरंजन कर का आंकलन कर इसकी वसूली का फैसला हुआ है। उन्होंने फिलहाल 31
अगस्त को खत्म हो रही कैफ भरवाने की मियाद को और आगे न बढ़ाए जाने के संकेत
भी दिए हैं।