550 करोड़ से अमेठी में बदलेगी रेलवे की सूरत, कैबिनेट मंत्री स्मृति ने डीआरएम से की मुलाकात
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अमेठी में रेलवे के कायाकल्प के उद्देश्य को लेकर शनिवार को कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम से हजरतगंज स्थित कार्यालय में मुलाकात की। अमेठी में रेलवे 550 करोड़ से तीन चरणों में दोहरीकरण व विद्युतीकरण का काम कराएगा।
इसमें एक ओर जहां अमेठी के साथ-साथ जायस, रायबरेली व गौरीगंज स्टेशनों से दूसरे रेलवे स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी, वहीं रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को भी शुरू किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अमेठी स्टेशन को वाईफाई से कनेक्ट करने और रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने की बात कैबिनेट मंत्री ने डीआरएम से कही।
स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि वह अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेलमंत्री के साथ अमेठी में होने वाले कार्यों का उद्घाटन करने के लिए आएंगी। उन्होंने डीआरएम संजय त्रिपाठी से अमेठी में चल रहे रेलवे के मिर्नाण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अमेठी में होने वाले कार्यों को जनता से रूबरू कराना चाहती हूं। इसलिए महीनेवार रिपोर्ट चाहिए कि प्रति माह क्या-क्या कार्य होंगे और उससे अमेठी के लोगों को क्या-क्या राहत मिलेगी।
इस पर डीआरएम संजय त्रिपाठी ने बताया कि 550 करोड़ रुपये से अमेठी में परियोजना पर काम चल रहा है। जिसके टेंडर साल 2016 में हो चुके हैं। पहले चरण में 85 फीसद काम और दूसरे चरण में 60 प्रतिशत और तीसरे में शेष कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
यह है प्रोजेक्ट
रायबरेली से अमेठी की बीच दोहरीकरण
60.1 किलोमीटर है रेलखण्ड की लम्बाई
550 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत
यह है लक्ष्य
चरण रेलखण्ड किमी लक्ष्य
पहला अमेठी से गौरीगंज 13.37 किमी दिसंबर, 2019
दूसरा गौरीगंज से जायस 17.94 किमी मार्च, 2020
तीसरा जायस से रायबरेली 28.74 किमी सितंबर, 2020