लखनऊ। बहू को गोली मारने की धमकी, मानसिक प्रताड़ना व मारपीट कर हाथ तोड़ देने का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन सहित परिवार के 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है। एमपी, एमएलए कोर्ट के एसीजेएम अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई के लिए 28 जनवरी की तारीख तय करते हुए महिला थाने से रिपोर्ट तलब की है।
कोर्ट में मंत्री आशुतोष टंडन के भतीजे आयुष टंडन की पत्नी दिशा टंडन की ओर से वकील सौरभ कुमार श्रीवास्तव ने अर्जी देकर तर्क दिया कि दिशा की शादी 11 दिसंबर 2019 को हुई थी। उस समय लालजी टंडन जीवित थे। कहा गया है कि जब तक लालजी टंडन जीवित रहे तब तक दिशा को किसी ने परेशान नहीं किया। लेकिन लालजी टंडन की मृत्यु के बाद आशुतोष टंडन, उनकी पत्नी मधु टंडन, छोटे भाई सुबोध व उनकी पत्नी वंदना टंडन, वादिनी के पति आयुष टंडन, ससुर अमित टंडन, सास नमिता टंडन, आयुष की बड़ी बहन तिरु खन्ना व सलोनी सहगल तथा भाई वंश टंडन ने वादिनी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उससे मारपीट की जाने लगी। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि 28 सितंबर 2020 को आरोपियों ने वादिनी को मायके जाने के लिए कहा। इससे कुछ दिन पहले उसे पूरे परिवार ने प्रताड़ित किया तथा पति ने मारपीट कर हाथ तोड़ दिया था। हाथ टूटने की हालत में वादिनी को जबरन मायके भेज दिया। यह भी आरोप है कि आशुतोष टंडन ने अपने मामा चंद्रमोहन मेहरोत्रा से गोली मारने की धमकी दिलवाई है, जिसकी शिकायत सूचना आयोग, महिला आयोग में करते हुए थाना चौक एवं महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।