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गोमती में उतरेगा सी-प्लेन, दौड़ेंगी स्काई बस, राजनाथ सिंह के प्रस्ताव पर नितिन गडकरी ने दी सहमति
Fri, 08 Mar 2019 11:57 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 08 Mar 2019 11:57 AM IST
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योजनाओं का शिलान्यास करते सीएम योगी, राजनाथ व नितिन गडकरी
- फोटो : amar ujala
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गोमती के संरक्षण और इसे प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ अब इसमें गुजरात की साबरमती नदी की तर्ज पर सी-प्लेन उतारने की तैयारी है। वहीं, लखनऊ की बढ़ती ट्रैफिक मांग को देखते हुए स्काईबस भी चलाने की योजना पर काम शुरू होगा।
इन दोनों परियोजनाओं के लिए गृहमंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह के प्रस्ताव पर केंद्रीय पोत परिवहन, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने सहमति भी दे दी है।
राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी बृहस्पतिवार को झूलेलाल वाटिका में आयोजित 1.10 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद थे।
गृहमंत्री ने कहा कि गोमती के विकास पर 1200 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले चरण में 280 करोड़ के कामों के लिए नमामि गंगे परियोजना में बजट मिल चुका है। बाकी बजट भी जल्द अगले चरण के कामों के लिए मिल जाएगा।
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हमारी योजना है कि दौलतगंज एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के साथ पुराने एसटीपी का पुनरुद्धार किया जाए। वहीं, गऊ घाट से पानी की आपूर्ति ऐशबाग जलकल के लिए की जाए। साथ ही प्रमुख नालों पर पंपिंग स्टेशन बनाकर सीवर नदी में गिरना बंद किया जाए। नदी के साफ होने पर इसके सौंदर्यीकरण को सुनिश्चित करते हुए यहां पर्यटन को बढ़ावा जाएगा।
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इन दोनों परियोजनाओं के लिए गृहमंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह के प्रस्ताव पर केंद्रीय पोत परिवहन, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने सहमति भी दे दी है।
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राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी बृहस्पतिवार को झूलेलाल वाटिका में आयोजित 1.10 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद थे।
गृहमंत्री ने कहा कि गोमती के विकास पर 1200 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले चरण में 280 करोड़ के कामों के लिए नमामि गंगे परियोजना में बजट मिल चुका है। बाकी बजट भी जल्द अगले चरण के कामों के लिए मिल जाएगा।
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हमारी योजना है कि दौलतगंज एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के साथ पुराने एसटीपी का पुनरुद्धार किया जाए। वहीं, गऊ घाट से पानी की आपूर्ति ऐशबाग जलकल के लिए की जाए। साथ ही प्रमुख नालों पर पंपिंग स्टेशन बनाकर सीवर नदी में गिरना बंद किया जाए। नदी के साफ होने पर इसके सौंदर्यीकरण को सुनिश्चित करते हुए यहां पर्यटन को बढ़ावा जाएगा।
जानें, सी-प्लेन की खासियत
योजनाओं का शिलान्यास
- फोटो : amar ujala
वहीं, नितिन गडकरी ने संकेत दिए कि सी-प्लेन के जरिये शहरों को भी आपस में जोड़ा जा सकता है। एयरपोर्ट की जरूरत पूरी करने के लिए मोटा बजट खर्च करने की जगह नदियों का उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। आगरा में यमुना नदी में रिवरपोर्ट बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। वाराणसी को भी रिवरपोर्ट से प्रयागराज से जोड़कर जलमार्ग खोला जाएगा। कहा कि मेरी योजना है कि यहां सी-प्लेन भी उतारे जाएं। इनका उपयोग यात्रियों को एक से दूसरी जगह ले जाने में हो।
क्या है स्काईबस?
शहरों में आबादी बढ़ने के बाद सड़कों पर ट्रैफि क का लोड भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में रोप-वे की तरह हवा में झूलते केबल मार्ग पर स्काईबसों का संचालन लोगों को एक से दूसरी जगह ले जाने-आने में किया जाता है। कम दूरी में इनका उपयोग कई देशों में बढ़ रहा है।
सी-प्लेन की खासियत
भारत में सी-प्लेन चर्चा में तब आया जब साबरमती किनारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पानी में हवाई जहाज को उतारा गया। इसके बाद यात्रियों के लिए इसके उपयोग की मांग बढ़ी है। यह एक छोटे साइज के प्लेन हैं, जिनको पानी के ऊपर लैंड कराया जा सकता है।
क्या है स्काईबस?
शहरों में आबादी बढ़ने के बाद सड़कों पर ट्रैफि क का लोड भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में रोप-वे की तरह हवा में झूलते केबल मार्ग पर स्काईबसों का संचालन लोगों को एक से दूसरी जगह ले जाने-आने में किया जाता है। कम दूरी में इनका उपयोग कई देशों में बढ़ रहा है।
सी-प्लेन की खासियत
भारत में सी-प्लेन चर्चा में तब आया जब साबरमती किनारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पानी में हवाई जहाज को उतारा गया। इसके बाद यात्रियों के लिए इसके उपयोग की मांग बढ़ी है। यह एक छोटे साइज के प्लेन हैं, जिनको पानी के ऊपर लैंड कराया जा सकता है।
आउटर रिंगरोड शुरू होने से बसेगा न्यू लखनऊ
सीएम योगी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी व अन्य
- फोटो : amar ujala
राजनाथ सिंह ने कहा कि 2001 में पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी के प्रयास से शहीद पथ बना। आज इसके आसपास लखनऊ का विस्तार हुआ। आने वाले समय में 104 किमी लंबी आउटर रिंगरोड के आसपास ऐसा होगा। यहां नए लखनऊ की नींव रखी जाएगी।
आउटर रिंगरोड के 14 किमी लंबे एक भाग पर अयोध्या मार्ग से कुर्सीरोड के बीच ट्रैफिक शुरू हो गया है। 11 किमी लंबा दूसरा भाग अगले तीन महीने में तैयार हो जाएगा। 2021 तक पूरा आउटर रिंगरोड बन चुका होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सांसद के रूप में मेरे कार्यकाल के पांच साल पूरे हो रहे हैं। मैं कितना लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरा, इसका आकलन वे खुद कर सकते हैं, लेकिन मैं कह सकता हूं कि लखनऊ अब पूरे यूपी के लिए लक-नाऊ हो गया है।
पूरे प्रदेश का विकास यहां तय हो रहा है। अटलजी ने खुद कई बार लखनऊ को लक-नाऊ कहा। 14 नदियों के संरक्षण के अलावा एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों के लोकार्पण-शिलान्यास पूरे यूपी के लिए यहां से एक दिन में हुए।
आउटर रिंगरोड के 14 किमी लंबे एक भाग पर अयोध्या मार्ग से कुर्सीरोड के बीच ट्रैफिक शुरू हो गया है। 11 किमी लंबा दूसरा भाग अगले तीन महीने में तैयार हो जाएगा। 2021 तक पूरा आउटर रिंगरोड बन चुका होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सांसद के रूप में मेरे कार्यकाल के पांच साल पूरे हो रहे हैं। मैं कितना लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरा, इसका आकलन वे खुद कर सकते हैं, लेकिन मैं कह सकता हूं कि लखनऊ अब पूरे यूपी के लिए लक-नाऊ हो गया है।
पूरे प्रदेश का विकास यहां तय हो रहा है। अटलजी ने खुद कई बार लखनऊ को लक-नाऊ कहा। 14 नदियों के संरक्षण के अलावा एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों के लोकार्पण-शिलान्यास पूरे यूपी के लिए यहां से एक दिन में हुए।
आबादी बढ़ रही तो संसाधन भी बढ़ाने होंगे
योजनाओं का शिलान्यास
- फोटो : amar ujala
गृहमंत्री ने कहा कि लखनऊ की आबादी हर साल एक लाख बढ़ रही है। ऐसे में हमें सीवरेज निस्तारण से लेकर ट्रैफिक सुधार के कदम उठाने होंगे। नए पुलों की जरूरत को पूरी करने का काम हम कर रहे हैं। नदी का संरक्षण भी हमने तेज किया है।
लखनऊ से दूसरे शहरों की कनेक्टिविटी को सुल्तानपुर हाइवे का चौड़ीकरण, नई लखनऊ-कानपुर ग्रीनफ ील्ड एक्सप्रेस-वे, गोमतीनगर रेलवे टर्मिनस बनाने का काम हो रहा है। जानकीपुरम विस्तार में नया ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है। मेट्रो भी अब पूरे रूट पर एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया के बीच चलने लगेगी।
लखनऊ से दूसरे शहरों की कनेक्टिविटी को सुल्तानपुर हाइवे का चौड़ीकरण, नई लखनऊ-कानपुर ग्रीनफ ील्ड एक्सप्रेस-वे, गोमतीनगर रेलवे टर्मिनस बनाने का काम हो रहा है। जानकीपुरम विस्तार में नया ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है। मेट्रो भी अब पूरे रूट पर एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया के बीच चलने लगेगी।