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Lucknow News: नहर विभाग की एनओसी न मिलने से अटका बाईपास निर्माण
Sun, 26 May 2024 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 26 May 2024 11:55 PM IST
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फरवरी में शुरू हुआ निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
- फोटो : संवाद
गिलौला (श्रावस्ती)। गिलौला वासियों को जाम की परेशानी से निजात दिलाने के लिए फरवरी में बाईपास निर्माण शुरू कराया गया था। बहराइच बलरामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिलौला में साढ़े तीन किलोमीटर बनने वाले इस बाईपास के निर्माण में नहर विभाग ने रोड़ा अटका दिया है। विभाग की ओर से एनओसी न दिए जाने के कारण बाईपास निर्माण का कार्य ठप है। यह निर्माण पूरा न हुआ तो गिलौला वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा।
गिलौला के तिलकपुर मोड़ से नहर किनारे मोहम्दापुर तक साढ़े तीन किलोमीटर लंबा बाईपास का निर्माण कराया जा रहा था। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। बाईपास के निर्माण से गिलौला से सटे तिलकपुर, भिठौरा, चंद्रावा, गिलौला, एकघरवा, मोहम्मदापुर, रानीपुर काजी, कोट मुबारकपुर, हरनामार, शिवबालकपुरवा, रेंडग़वा में राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के किलोमीटर 281.930 से 284.900 किलोमीटर तक भूमि अधिग्रहित की गई थी। दो लेन बनने वाले इस बाईपास को नहर पटरी से दस मीटर दूर रखने की कार्य योजना भी बनाई गई थी। बाईपास की चौड़ाई दस मीटर व मार्ग की पटरियों की चौड़ाई दो दो मीटर रखी गई थी। इस पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होने थे।
फरवरी में शुरू हुए इस निर्माण कार्य में सरयू नहर खंड नानपारा की ओर से रोड़ा अटका दिया गया है। नहर विभाग की ओर से बाईपास निर्माण की एनओसी न दिए जाने से निर्माण कार्य अधर में लटक गया। ऐसे में जहां यह बाईपास निर्धारित समयावधि में पूरा नहीं हो सकेगा। वहीं तिलकपुर मोड़ से लेकर राजापुर मोड़ तक गिलौला वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा।
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इस बारे में कार्यदाई संस्था राज्य निर्माण आयोग के इंजीनियर आशीष कुमार का कहना है की जब तक नहर विभाग से एनओसी नहीं मिलती तब तक निर्माण नहीं हो सकेगा। एनओसी मिलते ही बाईपास निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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गिलौला के तिलकपुर मोड़ से नहर किनारे मोहम्दापुर तक साढ़े तीन किलोमीटर लंबा बाईपास का निर्माण कराया जा रहा था। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। बाईपास के निर्माण से गिलौला से सटे तिलकपुर, भिठौरा, चंद्रावा, गिलौला, एकघरवा, मोहम्मदापुर, रानीपुर काजी, कोट मुबारकपुर, हरनामार, शिवबालकपुरवा, रेंडग़वा में राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के किलोमीटर 281.930 से 284.900 किलोमीटर तक भूमि अधिग्रहित की गई थी। दो लेन बनने वाले इस बाईपास को नहर पटरी से दस मीटर दूर रखने की कार्य योजना भी बनाई गई थी। बाईपास की चौड़ाई दस मीटर व मार्ग की पटरियों की चौड़ाई दो दो मीटर रखी गई थी। इस पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होने थे।
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फरवरी में शुरू हुए इस निर्माण कार्य में सरयू नहर खंड नानपारा की ओर से रोड़ा अटका दिया गया है। नहर विभाग की ओर से बाईपास निर्माण की एनओसी न दिए जाने से निर्माण कार्य अधर में लटक गया। ऐसे में जहां यह बाईपास निर्धारित समयावधि में पूरा नहीं हो सकेगा। वहीं तिलकपुर मोड़ से लेकर राजापुर मोड़ तक गिलौला वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा।
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इस बारे में कार्यदाई संस्था राज्य निर्माण आयोग के इंजीनियर आशीष कुमार का कहना है की जब तक नहर विभाग से एनओसी नहीं मिलती तब तक निर्माण नहीं हो सकेगा। एनओसी मिलते ही बाईपास निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।