{"_id":"68c87e9e527972fe5b0dc2e4","slug":"buyers-opened-front-against-builder-tulsiani-and-rera-lucknow-news-c-13-knp1002-1385853-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: खरीदारों ने बिल्डर तुलसियानी व रेरा के खिलाफ खोला मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: खरीदारों ने बिल्डर तुलसियानी व रेरा के खिलाफ खोला मोर्चा
विज्ञापन
बैठक में मौजूद लोग।
लखनऊ। पैलेसियो इंपीरियल व्हाइट बायर्स एसोसिएशन की सोमवार को हुई वार्षिक आमसभा में खरीदारों ने रेरा व तुलसियानी इन्फ्रावेंचर के खिलाफ मोर्चा खोला।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार भगत ने कहा कि पैलेसियो व्हाइट प्रोजेक्ट को पूरा करने में बिल्डर ने असमर्थता जताई थी, जिसके बाद एसोसिएशन ने रेरा में बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के कई महीने बीत जाने के बाद भी पहली सुनवाई की कोई तारीख तय नहीं की गई है। यह देरी अधिकारियों की अक्षमता दर्शाती है, जिससे बिल्डर को फायदा ही मिल रहा है।
बिल्डर को 2016 तक प्रोजेक्ट पूरा करना था। प्रोजेक्ट को बायर्स एसोसिएशन को सौंपने की मांग की गई थी। रेरा और एलडीए की वैधता भी समाप्त हो चुकी है। कठोर कार्रवाई नहीं होती है तो तो हमारे निवेश का मूल्य काफी कम हो जाएगा और समय बीतने के साथ अधूरी इमारत के खंडहर होने का खतरा है।
उधर, बिल्डर ने तुलसियानी इंफ्रावेंचर का नाम बदलकर प्योर अर्थ टेरावाइज रख दिया है। हालांकि, सीआईएन वही है। भगत ने आरोप लगाया कि जानबूझकर खरीदारों और वैधानिक अधिकारियों को गुमराह कर कर चोरी की साजिश है। कहा बिल्डर प्रोजेक्ट में देरी कर, घटिया निर्माण कर खरीदारों को धोखा दे रहे हैं। यूपी रेरा ने अधूरे फ्लैट सौंपने पर 5% जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है, फिर भी कुछ नहीं हो रहा। इस दौरान एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी गठित हुई, जिसमें हरजिंदर सिंह को नया अध्यक्ष, मनोज कुमार भगत को सचिव, पूजा भगत को उपाध्यक्ष व सोनिया कपूर को कोषाध्यक्ष चुना गया। एजीएम में 40 सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार भगत ने कहा कि पैलेसियो व्हाइट प्रोजेक्ट को पूरा करने में बिल्डर ने असमर्थता जताई थी, जिसके बाद एसोसिएशन ने रेरा में बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के कई महीने बीत जाने के बाद भी पहली सुनवाई की कोई तारीख तय नहीं की गई है। यह देरी अधिकारियों की अक्षमता दर्शाती है, जिससे बिल्डर को फायदा ही मिल रहा है।
बिल्डर को 2016 तक प्रोजेक्ट पूरा करना था। प्रोजेक्ट को बायर्स एसोसिएशन को सौंपने की मांग की गई थी। रेरा और एलडीए की वैधता भी समाप्त हो चुकी है। कठोर कार्रवाई नहीं होती है तो तो हमारे निवेश का मूल्य काफी कम हो जाएगा और समय बीतने के साथ अधूरी इमारत के खंडहर होने का खतरा है।
विज्ञापन
उधर, बिल्डर ने तुलसियानी इंफ्रावेंचर का नाम बदलकर प्योर अर्थ टेरावाइज रख दिया है। हालांकि, सीआईएन वही है। भगत ने आरोप लगाया कि जानबूझकर खरीदारों और वैधानिक अधिकारियों को गुमराह कर कर चोरी की साजिश है। कहा बिल्डर प्रोजेक्ट में देरी कर, घटिया निर्माण कर खरीदारों को धोखा दे रहे हैं। यूपी रेरा ने अधूरे फ्लैट सौंपने पर 5% जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है, फिर भी कुछ नहीं हो रहा। इस दौरान एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी गठित हुई, जिसमें हरजिंदर सिंह को नया अध्यक्ष, मनोज कुमार भगत को सचिव, पूजा भगत को उपाध्यक्ष व सोनिया कपूर को कोषाध्यक्ष चुना गया। एजीएम में 40 सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन