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निजी क्षेत्र भी बना सकेंगे औद्योगिक टाउनशिप

Wed, 16 Oct 2013 12:09 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
महेंद्र तिवारी/लखनऊ Updated Wed, 16 Oct 2013 12:09 AM IST
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business township in lucknow

सूबे में नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर नए औद्योगिक टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार नई नीति बना रही है।

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यह काम निजी क्षेत्र के जरिये होगा यानी जमीन की व्यवस्था से लेकर उसके विकास की जिम्मेदारी भी निजी क्षेत्र की होगी।

यही नहीं औद्योगिक भूखंडों के आवंटन व रखरखाव का काम भी वही करेगा। इस पूरे कार्य में सरकार महज रेगुलेटर की भूमिका में होगी।

नीति में निम्न व मध्यम आय वर्ग के लिए एक निश्चित संख्या में आवास बनवाने का भी प्रस्ताव किया जा रहा है।

राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को प्रस्तावित नीति का प्रारूप दो सप्ताह में पेश करने को कहा गया है।

इस संबंध में यूपीसीडा की ओर से प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास डॉ. एसपी सिंह के समक्ष एक प्रजेंटेशन दिया गया।

प्रमुख सचिव ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक भूखंडों में बढ़ती हुई मांग को ध्यान में रखते हुए दिल्ली-मुंबई व अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कारीडोर के चारों ओर औद्योगिक विकास के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है।

इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से घोषित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके तहत कर व शुल्क में छूट भी देने का प्रस्ताव है।

उन्होंने बताया कि इस नीति से प्रदेश में औद्योगिक इकाई लगाने के इच्छुक उद्यमियों को यूपीएसआईडीसी व औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होंगे।
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इससे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनेगा और उच्च स्तर की अवस्थापना सुविधाओं का विकास होगा। वहीं पहले से ही मौजूद निजी औद्योगिक क्षेत्रों में भी अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर कर नियमित किया जा सकेगा।
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ये होगी प्रक्रिया
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि निजी क्षेत्र द्वारा टाउनशिप का विकास करने के लिए सबसे पहले जमीन का प्रबंध करना होगा।

इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर वह यूपीसीडा के सामने पेश करेगा। यूपीसीडा सहमत होने पर उस क्षेत्र को औद्योगिक विकास क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करेगी।


विकासकर्ता को यूपीसीडा के मानकों पर मास्टर प्लान तैयार करना होगा और उसी के अनुरूप परियोजना को क्रियान्वित करेगा।

निजी विकासकर्ता औद्योगिक टाउनशिप को विकसित करने की अनुमति को हस्तांतरित नहीं कर सकेगा।

बीमार इकाईयों के भी दिन बहुरेंगे
विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित की गई ऐसी जमीन जिस पर अधिकतर इकाईयां बंद हो चुकी हैं या वर्तमान में बीमार घोषित हो चुकी हैं, उनका भी विकास किया जाएगा।

इसके लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के जरिये विकासकर्ता का चयन किया जाएगा। सार्वजनिक-निजी सहभागिता के आधार पर इसके विकास का प्रावधान होगा।

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