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मजदूरों को लाने-ले जाने के लिए किराए पर मिलेगी बस
Fri, 15 May 2020 11:35 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 15 May 2020 11:35 AM IST
सार
- परिवहन निगम ने किया नई व्यवस्था का इंजजाम
- ठेकेदारों को परिवहन निगम की बसों का होगा उपयोग
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हंगामा करते मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
लॉकडाउन के दौरान औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत के सरकार के फैसले के बाद श्रमिकों के आवागमन में असुविधा को देखते हुए ठेकेदारों को परिवहन निगम की बसें किराए पर देने का फैसला किया है। निर्माण एजेंसियां व ठेकेदार इन्हें तय दर पर हासिल कर सकेंगे। निगम की यह विशेष व्यवस्था लॉकडाउन समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान कई औद्योगिक गतिविधियों व निर्माण कार्य की गतिविधियों को शुरू करने का निर्णय किया गया है। इन गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए श्रम शक्ति की जरूरत होगी। ऑरेंज व रेड जोन के जिलों में सार्वजनिक परिवहन गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। इससे श्रमिकों को निर्माण कार्य स्थल या औद्योगिक इकाई तक जाने में कठिनाई आ सकती है।
इसे देखते हुए राज्य सड़क परिवहन निगम सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों की व्यवस्था कर रहा है। इसके लिए निर्माण एजेंसी, ठेकेदार व औद्योगिक इकाइयां निगम की बसों को तयशुदा दर पर हासिल कर श्रमिकों को लाने-ले जाने का काम कर सकेंगी। प्रदेश के 75 जिलों में परिवहन निगम के 115 बस डिपो हैं। इनमें 52 सीट क्षमता की साधारण बसें उपलब्ध रहती हैं। औद्योगिक इकाइयां आवश्यकता के मुताबिक बसों की मांग संबंधित अधिकारी से कर सकती हैं।
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उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान कई औद्योगिक गतिविधियों व निर्माण कार्य की गतिविधियों को शुरू करने का निर्णय किया गया है। इन गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए श्रम शक्ति की जरूरत होगी। ऑरेंज व रेड जोन के जिलों में सार्वजनिक परिवहन गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। इससे श्रमिकों को निर्माण कार्य स्थल या औद्योगिक इकाई तक जाने में कठिनाई आ सकती है।
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इसे देखते हुए राज्य सड़क परिवहन निगम सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों की व्यवस्था कर रहा है। इसके लिए निर्माण एजेंसी, ठेकेदार व औद्योगिक इकाइयां निगम की बसों को तयशुदा दर पर हासिल कर श्रमिकों को लाने-ले जाने का काम कर सकेंगी। प्रदेश के 75 जिलों में परिवहन निगम के 115 बस डिपो हैं। इनमें 52 सीट क्षमता की साधारण बसें उपलब्ध रहती हैं। औद्योगिक इकाइयां आवश्यकता के मुताबिक बसों की मांग संबंधित अधिकारी से कर सकती हैं।
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