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Lucknow News: पूर्व विशेष सचिव से बंटी-बबली ने ठगे एक करोड़ रुपये
Thu, 24 Oct 2024 03:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 24 Oct 2024 03:36 AM IST
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लखनऊ। गोमतीनगर इलाके में रहने वाले विशेष सचिव पद से सेवानिवृत्त आईएएस हरि प्रसाद सिंह से शराब की दुकान दिलाने के नाम पर दंपती (बंटी-बबली) ने एक करोड़ रुपये ठग लिए। सेवानिवृत्त आईएएस ने गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
विपुलखंड निवासी आईएएस हरि प्रसाद सिंह यूपी प्रशासन में विशेष सचिव पद से 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे। मई 2024 को पत्रकारपुरम में चिनहट गणेशपुर निवासी राकेश शर्मा से मुलाकात हुई थी। उसने खुद को एक पूर्व पुलिस अधिकारी बताया। हरिप्रसाद का मोबाइल नंबर, पता लेकर घर में मिलने की बात कहकर चला गया। अगले ही दिन फोन करके वह पत्नी शकुंतला शर्मा के साथ उनके घर पहुंच गए।
राकेश व उसकी पत्नी ने हरिप्रसाद को बताया कि पुलिस की नौकरी छोड़कर शराब का कारोबार शुरू किया है। उसके पास 84 शराब की दुकानें हैं। आबकारी विभाग में भी पकड़ होने का दावा किया है। अंग्रेजी शराब की दुकान में सप्लाई के लिए एफएल-2 का भी लाइसेंस मिल गया है, जो पत्नी के नाम पर है। इतनी शराब की दुकानें एक साथ मिलने के पीछे अलग-अलग परिचित के नाम पर टेंडर भरने की बात कही।
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पीड़ित आईएएस के अनुसार शराब की दुकानों के ठेके दिलाने के नाम पर बातों में फंसा लिया। कुछ दिन बाद शराब की दुकान का विज्ञापन लेकर घर आया और शाहजनफ रोड की दो, एक वृंदावन योजना रायबरेली रोड, लखनऊ पर शराब की दुकान आवंटित कराने की बात कही। आवेदन व आवंटन के नाम पर 22.62 लाख रुपये चेक, 75.50 लाख नकद 5 मई से 30 सितंबर 2024 के बीच ले लिए।
जालसाज दंपती ने पीड़ित से उनके बेटे के पारिवारिक मुकदमे में भी पैरवी व केस खत्म कराने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे। गोमतीनगर इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित सेवानिवृत्त आईएएस हरिप्रसाद की तहरीर पर आरोपी दंपती पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
विपुलखंड निवासी आईएएस हरि प्रसाद सिंह यूपी प्रशासन में विशेष सचिव पद से 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे। मई 2024 को पत्रकारपुरम में चिनहट गणेशपुर निवासी राकेश शर्मा से मुलाकात हुई थी। उसने खुद को एक पूर्व पुलिस अधिकारी बताया। हरिप्रसाद का मोबाइल नंबर, पता लेकर घर में मिलने की बात कहकर चला गया। अगले ही दिन फोन करके वह पत्नी शकुंतला शर्मा के साथ उनके घर पहुंच गए।
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राकेश व उसकी पत्नी ने हरिप्रसाद को बताया कि पुलिस की नौकरी छोड़कर शराब का कारोबार शुरू किया है। उसके पास 84 शराब की दुकानें हैं। आबकारी विभाग में भी पकड़ होने का दावा किया है। अंग्रेजी शराब की दुकान में सप्लाई के लिए एफएल-2 का भी लाइसेंस मिल गया है, जो पत्नी के नाम पर है। इतनी शराब की दुकानें एक साथ मिलने के पीछे अलग-अलग परिचित के नाम पर टेंडर भरने की बात कही।
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पीड़ित आईएएस के अनुसार शराब की दुकानों के ठेके दिलाने के नाम पर बातों में फंसा लिया। कुछ दिन बाद शराब की दुकान का विज्ञापन लेकर घर आया और शाहजनफ रोड की दो, एक वृंदावन योजना रायबरेली रोड, लखनऊ पर शराब की दुकान आवंटित कराने की बात कही। आवेदन व आवंटन के नाम पर 22.62 लाख रुपये चेक, 75.50 लाख नकद 5 मई से 30 सितंबर 2024 के बीच ले लिए।
जालसाज दंपती ने पीड़ित से उनके बेटे के पारिवारिक मुकदमे में भी पैरवी व केस खत्म कराने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे। गोमतीनगर इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित सेवानिवृत्त आईएएस हरिप्रसाद की तहरीर पर आरोपी दंपती पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।