यूपी विधानसभा के नौ गेटों पर लगे बुलेट प्रूफ बंकर, दो MLA समेत 49 जांच के घेरे में
यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद विधान भवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी नौ गेटों पर लोहे के बुलेटप्रूफ केबिन लगाई गई है। वहीं, मामले में दो सपा विधायकों समेत अब तक 17 लोगों से पूछताछ हो चुकी है और कुल 49 लोग जांच के घेरे मे हैं।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि जिन लोगों से पूछताछ हुई है उनमें सहायक मार्शल जोगिंदर सिंह पुंडीर के अलावा चार इंजीनियर, बीडीएस व डॉग स्क्वायड में तैनात दो सुरक्षा कर्मी, एक एसी आपरेटर और सात सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
इन लोगों से हुई पूछताछ
सहायक अभियंता अखिलेश कुमार, अवर अभियंता वीरेंद्र दुबे, यतींद्रनाथ सिंह, सुरेश कुमार दूबे, एसी आपरेटर गुलफाम, मुख्य आरक्षी सुरक्षा राकेश कुमार सिंह, बीडीएस टीम के सदस्य अशोक कुमार यादव, व्यवस्थापक सुरेश कुमार राजभर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार पाल, अनिल कुमार, मनोज कुमार, शमीम अब्बासी, विनय मिश्रा, हनीफ और मदन वाल्मीकी शामिल हैं।
अलकायदा का सबसे पसंदीदा विस्फोटक है पीईटीएन
विधानसभा में पाए गए पीईटीएन यानी पेंटाएरीथ्रिटाल टेट्रा नाइट्रेट ऐसा खतरनाक विस्फोटक पदार्थ है जिसे डेटोनेटर से जोड़कर बड़ा विस्फोट किया जा सकता है। शक्कर की तरह दिखने वाला यह पदार्थ नाइट्रोग्लीसरीन की तरह होता है। क्रिस्टल फॉर्म में यह प्लास्टिक एक्सप्लोसिव है। इसलिए मेटल डिटेक्टर या एक्सरे मशीन से पकड़ में नहीं आता है। गंधहीन होने की वजह से खोजी कुत्ते भी इसे नहीं ढूंढ पाते हैं।
यही कारण है कि यह आतंकियों का सबसे पसंदीदा विस्फोटक पदार्थ है। अवकाश प्राप्त डिप्टी एसपी सुधीर शर्मा ने बताया कि र्पीईटीएन से विस्फोट करना सबसे आसान है। इसे किसी भी डेटोनेटर चाहे वह वायर से जुड़ा हो या फिर रिमोट से विस्फोट किया जा सकता है।
किसी भी कॉम्पैक्ट डिब्बे में रखकर भी इसके जरिए विस्फोट किया जा सकता है। हाई एक्सप्लोसिव होने के बावजूद इसे सबसे सुरक्षित भी माना जाता है क्योंकि केवल गिरने से पीईटीएन में विस्फोट नहीं होता है।
50 से 100 ग्राम पीईटीएन एक कार को उड़ाने की क्षमता रखता है। आतंकी संगठन अलकायदा का यह सबसे पसंदीदा विस्फोटक पदार्थ है। वर्ष 2000 के बाद से अलकायदा ने इस पदार्थ के जरिए कई घटनाओं को अंजाम दिया है।
सिर्फ पीईटीएन से नहीं हो सकता विस्फोट
एनआईए से जुड़े एक अफसर ने बताया कि पीईटीएन खुद विस्फोट नहीं कर सकता है। इसे विस्फोट कराने के लिए अन्य उपकरणों की आवश्यकता होती है। यह पदार्थ जब जलता है तो उससे काफी अधिक मात्रा में ऊष्मा व तरंगें निकलती हैं। बिल्डिंग को उड़ाने में इसे सबसे मुफीद विस्फोटक माना जाता है।
खनन व सेना में हो रहा उपयोग
दुनिया के कई देशों में पीईटीएन की खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित है। लेकिन भारत में खनन उद्योग व सेना में पीईटीएन का उपयोग किया जाता है। खनन उद्योग से जुड़े लोगों को यह लाइसेंसधारी विक्रेता द्वारा ही तय मात्रा में ही दिया जाता है। पहाड़ी तोड़ने के लिए आरडीएक्स के साथ ही इसका भी इस्तेमाल होता है।