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Lucknow News: स्कूलों में बिजली कनेक्शन समेत कई परियोजनाओं का बजट सरेंडर
Mon, 01 Apr 2024 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 01 Apr 2024 11:42 PM IST
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गोंडा। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन जहां जिला कोषागार से शिक्षा, स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी समेत 70 विभागों का लंबित 32 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, बीएसए कार्यालय में भी करीब दो करोड़ का आखिरी वक्त में भुगतान किया गया। इतना ही नहीं विद्यालयों में बिजली कनेक्शन व कायाकल्प समेत कई परियोजनाओं में करोड़ों की धनराशि समर्पण करनी पड़ी।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सुविधा व विकास के लिए वृहद निर्माण कार्य किया जाना था। वर्ष 2023-23 में 3.53 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। जिसमें से आखिरी वक्त में 2.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जबकि 1.48 करोड़ रुपये का बजट समर्पित करना पड़ा। इसी तरह परिषदीय विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के लिए मिली रकम भी लौटानी पड़ी। इतना ही नहीं, वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय से ऐन वक्त में करोड़ों का भुगतान अटक गया। वहीं, बीएसए दफ्तर के जानकारों ने बताया कि वित्तीय वर्ष के आखिरी वक्त तक भुगतान किया गया है। करीब दो करोड़ रुपये से अधिक एक दिन में बजट खपाया गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी संजय चतुर्वेदी ने बताया कि शत-प्रतिशत भुगतान का प्रयास किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य और लोकनिर्माण विभाग में बड़े पैमाने पर बजट खपाया गया। कोषागार से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया कि शत-प्रतिशत बिलों का भुगतान किया गया है।
मुख्य कोषाधिकारी श्यामलाल जायसवाल ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य व लोकनिर्माण विभाग का आखिरी वक्त में सबसे अधिक भुगतान किया गया है। शासन के निर्देशानुसार पांच बजे तक बिल लिए गए। रात नौ बजे तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई। 31 मार्च को करीब 32 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। कोषागार स्तर से कोई भुगतान लंबित नहीं रखा गया है।
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प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सुविधा व विकास के लिए वृहद निर्माण कार्य किया जाना था। वर्ष 2023-23 में 3.53 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। जिसमें से आखिरी वक्त में 2.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जबकि 1.48 करोड़ रुपये का बजट समर्पित करना पड़ा। इसी तरह परिषदीय विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के लिए मिली रकम भी लौटानी पड़ी। इतना ही नहीं, वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय से ऐन वक्त में करोड़ों का भुगतान अटक गया। वहीं, बीएसए दफ्तर के जानकारों ने बताया कि वित्तीय वर्ष के आखिरी वक्त तक भुगतान किया गया है। करीब दो करोड़ रुपये से अधिक एक दिन में बजट खपाया गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी संजय चतुर्वेदी ने बताया कि शत-प्रतिशत भुगतान का प्रयास किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य और लोकनिर्माण विभाग में बड़े पैमाने पर बजट खपाया गया। कोषागार से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया कि शत-प्रतिशत बिलों का भुगतान किया गया है।
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मुख्य कोषाधिकारी श्यामलाल जायसवाल ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य व लोकनिर्माण विभाग का आखिरी वक्त में सबसे अधिक भुगतान किया गया है। शासन के निर्देशानुसार पांच बजे तक बिल लिए गए। रात नौ बजे तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई। 31 मार्च को करीब 32 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। कोषागार स्तर से कोई भुगतान लंबित नहीं रखा गया है।
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