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Budget 2026: आज यूपी को 4.10 लाख करोड़ से अधिक मिलने की उम्मीद, इन क्षेत्रों के लिए 75 हजार करोड़ की नई मांग
Sun, 01 Feb 2026 01:26 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:26 AM IST
सार
केंद्रीय बजट से इस बार यूपी को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलने का अनुमान है। जानें, अलग- अलग क्षेत्रों के विकास के लिए कितने बजट की जरूरत है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
केंद्रीय बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी इस बार 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। पिछले वित्त वर्ष में केंद्र सरकार से राज्य को विभिन्न मदों में लगभग 3.92 लाख करोड़ रुपये की सहायता और आवंटन प्राप्त हुआ था। यदि इस बार औसतन 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो राज्य को 4.10 लाख करोड़ से 4.25 लाख करोड़ रुपये तक मिलने का अनुमान है। इसी संदर्भ में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट पूर्व बैठक में प्रदेश के लिए 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं की मांग रखी है।
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मुख्य मांगें: शहरी परिवहन क्षेत्र
लखनऊ, कानपुर, आगरा और नए शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए 32,075 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, उत्तर-दक्षिण एक्सप्रेस मार्ग को राष्ट्रीय मार्ग नेटवर्क से जोड़ने और लखनऊ उच्च न्यायालय की खंडपीठ से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने जैसे प्रशासनिक प्रस्ताव भी केंद्र सरकार के समक्ष रखे गए हैं।
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जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के समाधान के लिए जल जीवन मिशन के तहत 33,750 करोड़ रुपये के अतिरिक्त अनुदान की मांग की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के 60 हजार तालाबों के पुनरुद्धार और भूजल पुनर्भरण के लिए 6,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र को सौंपा गया है।
ऊर्जा क्षेत्र: ऊर्जा क्षेत्र में सौर अनुसंधान केंद्र की स्थापना और 17 नगर निगमों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए 1005 करोड़ रुपये की मांग की गई है। इसका उद्देश्य नगरीय निकायों की बिजली लागत को कम करना और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और बुंदेलखंड में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना के साथ-साथ प्रत्येक तहसील में नवोदय विद्यालय तथा प्रधानमंत्री श्री विद्यालय योजना के तहत 797 नए विद्यालयों के लिए 655 करोड़ रुपये की मांग की गई है। महिला सशक्तिकरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रशिक्षण योजना का प्रस्ताव भी रखा गया है।
आर्थिक प्रस्ताव: वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर राज्य सरकार ने दो अहम मांगें उठाई हैं
1. केंद्रीय करों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ाने की अपील।
2. राज्यों को पूंजीगत परियोजनाओं के लिए दी जाने वाली विशेष सहायता योजना का बजट 1.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने की मांग, ताकि प्रदेश को बड़े आधारभूत ढांचा कार्यों के लिए अधिक धनराशि प्राप्त हो सके।
2. राज्यों को पूंजीगत परियोजनाओं के लिए दी जाने वाली विशेष सहायता योजना का बजट 1.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने की मांग, ताकि प्रदेश को बड़े आधारभूत ढांचा कार्यों के लिए अधिक धनराशि प्राप्त हो सके।