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Budget 2024: चमड़ा उद्योग टॉप गियर में, यूपी से 3000 करोड़ का बढ़ेगा निर्यात, 25 फीसदी की होगी बढ़ोत्तरी

Wed, 24 Jul 2024 06:50 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 24 Jul 2024 06:50 AM IST
सार

Budget 2024-25: वेट ब्लू और क्रस्ट लेदर पर निर्यात शुल्क 40 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया। लेदर सेक्टर में यूपी का डंका बजता है। 

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Budget 2024: Leather industry in top gear, exports from UP will increase by Rs 3000 crore, increase by 25 perc
लेदर इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लंबे समय से लेदर सेक्टर को जो उम्मीद थी, वह मंगलवार को पूरी हो गई। लेदर पर 10 फीसदी आयात शुल्क खत्म कर दिया गया। वेट ब्लू और क्रस्ट लेदर पर निर्यात शुल्क 40 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया। लेदर सेक्टर में यूपी का डंका बजता है। ये फैसला वैश्विक बाजार में यूपी के लेदर उत्पादों की धाक और बढ़ाएगा। लागत में छह फीसदी की कमी आएगी। चर्म निर्यात परिषद के चेयरमैन के मुताबिक कम से कम 25 फीसदी निर्यात बढ़ जाएगा, जो करीब 3000 करोड़ रुपये होगा।

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यूपी में कानपुर, लखनऊ और आगरा लेदर के प्रमुख क्लस्टर हैं। करीब 150 साल पुराने इस उद्योग की मांग थी कि भारी भरकम आयात शुल्क और निर्यात शुल्क सेक्टर की कमर तोड़ रहा है। चीन, वियतनाम, बांग्लादेश और पाकिस्तान लगातार चुनौती बने हुए हैं। इस फैसले ने घरेलू लेदर कारोबारियों को भारी राहत दे दी।
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सीएलई चेयरमैन आर के जालान के मुताबिक निर्यात शुल्क के मोर्चे पर वेट ब्लू और क्रस्ट लेदर पर निर्यात शुल्क 40 से घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। इससे वैल्यू एडेड चर्म निर्यात में सुविधा होगी, क्योंकि वैश्विक बाजार में इसकी भारी मांग है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में क्रस्ट लेदर के लिए निर्यात शुल्क को 20 से घटाकर शून्य कर देगी। ऐसा करने से अगले तीन वर्ष में मूल्यवर्धित चमड़े का निर्यात एक अरब अमेरिकी डॉलर हो सकेगा।
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सरकार का आभार जताते हुए कहा कि ये चर्म और फुटवियर क्षेत्र द्वारा 4.69 अरब डालर के निर्यात को अगले पांच साल में 13.7 अरब डालर पहुंचाने में मदद करेगा। लेदर और फुटवियर उद्योग में लगभग 40 फीसदी श्रमिक महिलाएं हैं। कामकाजी महिला छात्रावासों की स्थापना, महिला-विशिष्ट कौशल कार्यक्रमों के लिए समर्थन की घोषणा से इस क्षेत्र में महिला कार्यबल में और वृद्धि होगी।

यूपी में लेदर इंडस्ट्री एक नजर में

- प्रदेश में 3500 से ज्यादा लेदर इकाइयां
- करीब 900 चर्म निर्यातक परिषद में पंजीकृत
- उन्नाव-कानपुर लेदर क्लस्टर से 7500 करोड़ निर्यात
- आगरा से लगभग 3500 करोड़ का निर्यात
- सालाना 12 हजार करोड़ रुपये का निर्यात यूपी से
- घरेलू बाजार मिलाकर 30 हजार करोड़ रुपये
- 25 लाख लोग इस पेशे से जुड़े हैं
- 56 से ज्यादा देशों में निर्यात।

एक्सपर्ट ने बताया किस तरह के होंगे बदलाव 
लेदर सेक्टर को ये बजट नई ऊंचाई देगा। आयात शुल्क खत्म होने से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में 6 फीसदी तक लागत कम होगी। यूपी लेदर इंडस्ट्री का बड़ा गढ़ है। 12 हजार करोड़ का निर्यात हो रहा है, जो अब 15 हजार करोड़ से ज्यादा हो जाएगा। लेदर सेक्टर में कम से कम दो लाख नए रोजगार पैदा होंगे। इस फैसले से अगले पांच साल में 13.7 अरब डालर निर्यात का लक्ष्य पा सकेंगे।-आरके जालान, चेयरमैन, चर्म निर्यात परिषद

युवाओं पर केंद्रित ये बजट भविष्य के शानदार भारत का निर्माण करेगा। 20 लाख युवाओं को कुशल बनाने के लिए पेश नई कौशल योजना इंडस्ट्री में ‘स्किल मैनपावर’ का संकट दूर करेगी। वहीं 7.5 लाख तक के ऋण की सुविधा के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित करने से उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। महिला श्रम बल को इस सेक्टर में बढ़ावा मिलेगा।- मुख्तारुल अमीन, सदस्य, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम
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