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मायावती ने कठुआ कांड में फैसले का किया स्वागत, कहा- सजा से लागों में कानून का डर पैदा होगा
Tue, 11 Jun 2019 06:18 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 11 Jun 2019 06:18 PM IST
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मायावती
- फोटो : एएनआई
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कठुआ केस के अपराधियों को सजा मिलने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि कोर्ट द्वारा कठुआ की मासूम बच्ची रेप-मर्डर केस में 3 दरिन्दों को उम्रकैद व 3 अन्य को 5 साल कैद की सजा देने के बाद संभव है लोगों में कानून का कुछ डर पैदा हो और वे दरिन्दगी से बाज आएंगे। कानून द्वारा कानून का राज कायम करने के लिए देश में हर जगह ऐसी सजायें देना जरूरी लगता है।
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माननीय कोर्ट द्वारा कठुआ की मासूम बच्ची रेप-मर्डर केस में 3 दरिन्दों को उम्रकैद व 3 अन्य को 5 साल कैद की सज़ा देने के बाद संभव है लोगों में कानून का कुछ डर पैदा हो और वे दरिन्दगी से बाज आयें। कानून द्वारा कानून का राज कायम करने हेतु देश में हर जगह ऐसी सज़ायें देना जरूरी लगता है।
— Mayawati (@Mayawati) June 11, 2019
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आपको बता दें कि कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में सात में से तीन को उम्रकैद की सजा और तीन को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। वहीं एक को बरी कर दिया गया है। ग्राम प्रधान सांझी राम, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और प्रवेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। एसपीओ सुरेन्द्र कुमार, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कांस्टेबल तिलक राज को पांच-पांच साल की सजा हुई। वहीं सांझी राम के बेटे विशाल को बरी कर दिया गया है।
हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता ने कथित रूप से सांझी राम से 4 लाख रुपये लिए और सबूत नष्ट कर दिए थे। देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले में ट्रायल 3 जून को पूरा हो गया था। मामले की सुनवाई कर रहे जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने उसी समय फैसला सुनाने की तारीख 10 जून मुकर्रर की थी।
अधिकारियों ने बताया कि फैसले की घोषणा के मद्देनजर अदालत और कठुआ में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मामले में दाखिल की गई 15 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, कठुआ जिले के रसाना गांव में पिछले साल 10 जनवरी को आठ साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। उसके बाद गांव के एक मंदिर में कथित तौर पर उसके साथ चार दिन दुष्कर्म किया गया और फिर लाठी से पीट कर हत्या कर दी गई।
हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता ने कथित रूप से सांझी राम से 4 लाख रुपये लिए और सबूत नष्ट कर दिए थे। देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले में ट्रायल 3 जून को पूरा हो गया था। मामले की सुनवाई कर रहे जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने उसी समय फैसला सुनाने की तारीख 10 जून मुकर्रर की थी।
अधिकारियों ने बताया कि फैसले की घोषणा के मद्देनजर अदालत और कठुआ में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मामले में दाखिल की गई 15 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, कठुआ जिले के रसाना गांव में पिछले साल 10 जनवरी को आठ साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। उसके बाद गांव के एक मंदिर में कथित तौर पर उसके साथ चार दिन दुष्कर्म किया गया और फिर लाठी से पीट कर हत्या कर दी गई।