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अब संसद और विधानमंडल सत्र में सपा को घेरेगी बसपा
लखनऊ/महेंद्र तिवारी
Updated Thu, 25 Jul 2013 10:01 AM IST
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बसपा संसद और विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र में प्रदेश की सपा सरकार को घेरेगी। पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या और प्रदेश में महिलाओं के साथ बलात्कार के बाद हो रही मौत की वारदातों ने बसपा को इसका मौका दे दिया है।
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पार्टी नेता मानते हैं कि लोकसभा चुनाव की अटकलों के बीच होने जा रहे संसद और विधानमंडल सत्र में सपा सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जनता के सामने बेनकाब करने का इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता।
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बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों को पूरी तैयारी के साथ उठाने के निर्देश के बाद पार्टी नेता सक्रिय हो गए हैं।
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पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या के बाद लोकसभा में बसपा सांसद दल के नेता दारासिंह चौहान व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को अन्य प्रमुख नेताओं के साथ मौके पर भेजने को पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि कानून-व्यवस्था किसी भी सरकार का आइना होती है। बसपा राज को लोग अन्य चीजों के अलावा कानून-व्यवस्था के लिए भी याद करते हैं। मगर सपा सरकार में जनप्रतिनिधि और अफसर तक सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
दिनदहाड़े हमले और हत्याएं हो रही हैं। चूंकि, राज्य सरकार कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है, ऐसे में यहां की स्थितियों का आकलन कर हस्तक्षेप के लिए केंद्र पर दबाव बढ़ाया जाएगा। यह दबाव विधानमंडल और संसद दोनों ही स्तर से बढ़ेगा।
बसपा नेता के अनुसार, मायावती ने सांसदों और विधायकों को इसके लिए विशेष रूप से आगाह किया है। उन्होंने सदन में जनहित के मसले पूरी तैयारी और नियमों के अनुसार उठाने का निर्देश दिया है।
खास बात ये है कि विधानमंडल की कार्यवाही हो या संसद की, उसमें पार्टी के सदस्यों की भागीदारी व सक्रियता पर पार्टी प्रमुख स्वयं नजर रखती हैं।
ऐसे में सदस्य निर्देश के तत्काल बाद अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाने को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। विधायकों को क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी घटना की जानकारी नेता प्रतिपक्ष स्वामीप्रसाद मौर्य व नसीमुद्दीन सिद्दीकी तक पहुंचाने को कहा गया है। सांसदों की सूचना पर वह स्वयं गौर करेंगी।