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चार नेताओं के भगोड़ा घोषित होने से उपचुनाव में बसपा की बढ़ी मुश्किल
Fri, 23 Oct 2020 12:24 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 23 Oct 2020 12:24 AM IST
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बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार में मंत्री स्वाति सिंह के परिवार की महिलाओं व बेटी के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में बसपा के चार प्रमुख नेताओं को कोर्ट से फरार घोषित किए जाने से पार्टी की चुनौती बढ़ गई है।
प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव (तत्कालीन सचिव) मेवालाल के पास चुनाव से संबंधित कई जिम्मेदारी है। इसी तरह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर पिछड़े समाज के मजबूत नेता माने जाते हैं। नौशाद अली और एमएलसी अतर सिंह राव भी कई मंडलों का संगठनात्मक काम देख रहे हैं।
उपचुनाव में ये सभी सक्रियता से लगे हुए थे। लेकिन ऐन उपचुनाव के बीच इन नेताओं को कोर्ट से फरार घोषित किए जाने से पार्टी के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। कोर्ट में पेश होने से पहले अब इन सबका राजनीतिक व पार्टी गतिविधियों में पहले की तरह सक्रियता से हिस्सा लेना आसान नहीं रह गया है।
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प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव (तत्कालीन सचिव) मेवालाल के पास चुनाव से संबंधित कई जिम्मेदारी है। इसी तरह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर पिछड़े समाज के मजबूत नेता माने जाते हैं। नौशाद अली और एमएलसी अतर सिंह राव भी कई मंडलों का संगठनात्मक काम देख रहे हैं।
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उपचुनाव में ये सभी सक्रियता से लगे हुए थे। लेकिन ऐन उपचुनाव के बीच इन नेताओं को कोर्ट से फरार घोषित किए जाने से पार्टी के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। कोर्ट में पेश होने से पहले अब इन सबका राजनीतिक व पार्टी गतिविधियों में पहले की तरह सक्रियता से हिस्सा लेना आसान नहीं रह गया है।
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