फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   bsp president mayawati started working on two plan

2019 चुनाव के लिए बसपा प्रमुख ने बनाए दो प्लान, यही तक करेंगे आगे की रणनीति

Mon, 17 Sep 2018 08:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 17 Sep 2018 08:34 AM IST
विज्ञापन
bsp president mayawati started working on two plan
मायावती - फोटो : amar ujala

कमजोर बिसात पर भी सत्ता के समीकरण साधने में माहिर बसपा सुप्रीमो मायावती के गठबंधन से जुड़े बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।

विज्ञापन


मायावती ने 15 साल पहले भाजपा और बसपा के बीच सीटों के बंटवारे में झुकने की जगह मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने की कहानी सुनाकर गठबंधन के लिए अन्य दलों पर अपनी शर्तों पर चलने का दबाव बढ़ा दिया है। लोगों की नजरें गठबंधन की कतार में माने जा रहे दूसरे दलों पर टिक गई हैं।
विज्ञापन

 
सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से दूर दिल्ली में तीन महीने रहीं बसपा सुप्रीमो ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी की एक-एक सीट का होमवर्क कर लिया है। उन्होंने इस चुनाव के लिए प्लान ‘ए’ व ‘बी’ एक साथ तैयार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें गठबंधन होने पर बसपा के दावे वाली सीटों और गठबंधन न होने पर सभी 80 सीटों के लिए संभावित प्रत्याशियों के नाम व वहां की रणनीति है। बसपा प्रमुख ने अब तक सम्मानजनक सीटों को लेकर तो कोई संकेत नहीं किया है, लेकिन बात ‘फिफ्टी वन- फिफ्टी ऑल’ (आधी सीटें बसपा व आधी में सभी) के फार्मूले पर केंद्रित हो सकती है। इससे कम पर गुंजाइश नजर नहीं आती।
 
बसपा के एक नेता नाम न छापने के आग्रह के साथ बताते हैं कि पार्टी प्रमुख की चुनावी समझौते से जुड़ी रणनीति प्रेसवार्ता में पूर्व के गठबंधन के संदर्भ में याद दिलाई बातों में शामिल है।

उन्होंने 2003 में लोकसभा चुनाव (2004 के आम चुनाव) के लिए गठबंधन से जुड़ी परिस्थितियों का हवाला देकर स्पष्ट कर दिया कि तब भाजपा यूपी की लोकसभा की 80 सीटों में से 60 सीटें खुद लेने की बात कह रही थी, लेकिन बसपा तैयार नहीं हुई।

भाजपा ने उनके नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिराने की धमकी दी तो उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी लेकिन केंद्र की भी सत्ता में काबिज पार्टी की शर्त पर गठबंधन को तैयार नहीं हुई।

समझौते की टेबिल पर आने वाले दलों के लिए संदेश साफ है कि बसपा गठबंधन अपनी ही शर्तों पर करेगी, एक सीमा से अधिक झुकने वाली नहीं है। केंद्र की भाजपा सरकार से निराश लोग बसपा सुप्रीमो की ओर ही देख रहे हैं। दूसरे राज्यों में कई दलों ने आगे आकर गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाया है। 

क्या है प्लान ‘ए’ व ‘बी’

दावा है कि प्लान ‘ए’ में गठबंधन के लिहाज से बसपा के दावे वाली सीटें शामिल हैं। अभी तक सम्मानजनक सीटों को लेकर बसपा ने कोई संकेत नहीं किया है लेकिन संबंधित क्षेत्र में बसपा के भूत व वर्तमान की ताकत व भूमिका को दिखाते हुए 50 सीटें ली गई हैं। वह कितनी सीटों पर तैयार होंगी, यह गठबंधन में शामिल होने वाले दलों की स्थिति और उन पर सहमति बनने के बाद वार्ता के समय ही स्पष्ट किए जाने के संकेत हैं।  

प्लान ‘बी’

बसपा ने गठबंधन न होने पर सभी 80 सीटों के लिए संभावित प्रत्याशियों के नाम व वहां की रणनीति तैयार की है। इनमें कई सीटों पर सत्ताधारी दल भाजपा व समझौते की मेज पर माने जाने वाले दलों में काम कर रहे कई मजबूत नेताओं व ‘माननीयों’ के नाम बताए जा रहे हैं। ये पर्दे के पीछे अपने संपर्कों के जरिए बसपा के संपर्क में हैं। कई तो ऐसे हैं जो गठबंधन होने पर भी बसपा के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।

दावे का मुख्य आधार

  • 2014 के बाद संपन्न लोकसभा व विधानसभा में दलों की आंकड़ों के हिसाब से स्थिति।
  • गोरखपुर, फूलपुर व कैराना लोकसभा तथा नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में भले सपा व आरएलडी जीते लेकिन इसमें बसपा समर्थकों का वोट इन दलों को ट्रांसफर हुआ।
  • बीजेपी के विरुद्ध विपक्षी दलों में बसपा की स्वीकार्यता सबसे ज्यादा है।
  • कई राज्यों में दूसरे दलों ने बसपा से गठबंधन के लिए आगे बढ़कर हाथ बढ़ाया है।
  • पिछले नगर निकाय चुनाव में भाजपा के सत्ता में होने के बावजूद बसपा को अच्छा समर्थन मिला। दो मेयर भी चुने गए।
  • समझौते के संभावित दलों की बसपा के मुकाबले आंतरिक कमजोरी।
  • जो सीट जो दल जीत सकते हों, वही सीट उसे मिले, सिर्फ लड़ने के लिए सीटें न मांगी जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed