दो विधायकों सहित चार बसपा नेताओं को माया ने दिखाया बाहर का रास्ता
पार्टी में अनुशासनहीनता के खिलाफ बसपा सुप्रीमो मायावती का रवैया सख्त हो गया है। दो सिटिंग विधायकों समेत चार नेताओं को सोमवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इनमें एक पूर्व एमएलसी भी शामिल हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों में बसपा से निष्कासित होने वाले सिटिंग विधायकों की संख्या अब आठ हो गई है।
बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व लखनऊ के जोनल कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार सिद्धार्थ ने लखीमपुर के पलिया से विधायक हरविंदर कुमार साहनी उर्फ रोमी साहनी व हरदोई की मल्लावां सीट से विधायक बृजेश कुमार वर्मा तथा लखनऊ के अरविंद कुमार त्रिपाठी उर्फ गुड्डू त्रिपाठी व लखीमपुर के राजेश बाल्मीकि को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकालने का एलान किया। अरविंद त्रिपाठी एमएलसी रह चुके हैं। राजेश बाल्मीकि देवीपाटन मंडल में पार्टी के मंडल कोआर्डिनेटर रह चुके हैं।
दरअसल, बसपा ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की सफाई का काम तेज कर दिया है। राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव के बाद से अब तक पांच सिटिंग विधायक पार्टी से निकाले जा चुके हैं।
इन्हें भी किया जा चुका है बाहर
बिजनौर के नजीबाबाद से विधायक तसलीम अहमद और वाराणसी के शिवपुर से विधायक उदयलाल मौर्या को चुनाव बाद निकाला गया है।
इसके अलावा गोरखपुर के चिल्लूपार से विधायक राजेश त्रिपाठी को राज्यसभा चुनाव से एक दिन पहले ही निलंबित करने का एलान किया गया था।
चुनाव से पहले पार्टी लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी से विधायक बाला प्रसाद अवस्थी, सहारनपुर के बेहट से विधायक महावीर राणा व आगरा के फतेहाबाद से विधायक छोटेलाल वर्मा के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में अनुशासनहीनता की कार्रवाई कर चुकी है।
इस तरह विस चुनाव से पहले पार्टी से निष्कासन का सामना करने वाले सिटिंग विधायकों की संख्या बढ़कर आठ पहुंच गई है।
हरदोई से पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान व पूर्व एमएलसी अब्दुल हन्नान को भी कुछ दिन पहले ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।