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राज्यसभा चुनाव : बसपा ने सपा पर धनबल से बगावत कराने का लगाया आरोप, लालजी वर्मा बोले...

Thu, 29 Oct 2020 12:13 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 29 Oct 2020 12:13 AM IST
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BSP accused SP of revolting with money power, Lalji Verma said ...
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
राज्यसभा चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान विधान भवन में बुधवार को दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम में आरोप-प्रत्यारोप और भागदौड़ का सिलसिला चलता रहा। बसपा के बड़े नेताओं ने सपा पर धनबल का उपयोग कर बसपा विधायकों से बगावत कराने का आरोप लगाया। वहीं राज्यसभा चुनाव में शामिल नहीं होने के बावजूद तीनों दलों के बीच चल रही रस्साकसी का जायजा लेने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी विधान भवन पहुंचे। उन्होंने बसपा, सपा और भाजपा पर हमला बोलते हुए बसपा को भाजपा की बी टीम बताया। 
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धनबल का उपयोग किया : उमाशंकर सिंह
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि सपा ने पूंजीपति उम्मीदवार प्रकाश बजाज का समर्थन किया। ऐसी जानकारी मिली है कि बसपा विधायकों को बगावत करने के लिए मोटी रकम दी गई है। लेकिन जब सपा समर्थित प्रकाश बजाज का नामांकन निरस्त हो जाएगा तो विधायकों को दी हुई रकम वापस नहीं आएगी। ऐसे में प्रकाश बजाज को नींद की गोलियां खाकर सोना पड़ेगा और बागी विधायकों की हकीकत भी जनता के सामने आ जाएगी।
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भाजपा ने किया निर्वाचन विभाग के निर्णय का स्वागत
भाजपा के चुनाव प्रबंधन प्रभारी और प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर ने निर्वाचन विभाग के निर्णय का स्वागत किया है। राठौर ने कहा कि भाजपा ने किसी भी विपक्षी उम्मीदवार के प्रति आपत्ति दर्ज नहीं कराई। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी आठ उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होंगे। चुनाव की नौबत आती भी तो हमारे उम्मीदवारों की जीत निश्चित थी।
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बसपा ने बचाव में दिए तर्क
बसपा की ओर से तर्क दिया गया कि चारों बागी विधायकों ने यह नहीं कहा है कि दस्तखत फर्जी हैं। उन्होंने केवल यह आपत्ति दी है कि जिस नंबर पर दस्तखत है, वह उनके नहीं हैं। विधानसभा में बसपा दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम ने नामांकन के तीन सेट दिए थे, दो सेट पर बागी विधायकों ने आपत्ति की है, तीसरे सेट पर नहीं। ऐसे में नामांकन पत्र स्वीकार करने के लिए एक ही सेट काफी है।  

बसपा विधायकों का दावा- हस्ताक्षर उनके नहीं

बुधवार को सुबह 11 बजे बसपा के चार विधायक असलम चौधरी, असमल राइनी, हाकिमचंद बिंद और मुजतबा सिद्दीकी ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पहुंचकर बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के नामांकन पत्र से अपना प्रस्ताव वापस लेने की अर्जी दी। कहा कि नामांकन पत्र पर जिस क्रमांक में दस्तखत हैं, वह उनके नहीं है। वहां मौजूद, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, विधानसभा में बसपा के नेता लालजी वर्मा और विधायक उमाशंकर सिंह ने रामजी गौतम के नामांकन के दौरान की फोटो व वीडियो फुटेज पेश किया जिसमें राइनी, चौधरी, मुजतबा व बिंद मौजूद थे। बसपा ने गौतम का नामांकन सही बताते हुए सपा के बजाज के अलग-अलग नामांकन पत्र पर आपत्ति की।


लालजी वर्मा बोले, अंतिम सांस तक बसपा में रहूंगा
बसपा विधायकों के सपा दफ्तर पहुंचने के बीच विधानसभा में बसपा दल के नेता लालजी वर्मा के भी सपा में शामिल होने की अफवाह सोशल मीडिया पर उड़ने लगी। पत्रकारों से बातचीत में लालजी वर्मा ने इसका खंडन करते हुए कहा, मैं अंतिम सांस तक बसपा में रहूंगा। मैं आज जिस मुकाम पर हूं, वह बसपा प्रमुख मायावती की ही देन है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के दलित कार्यकर्ता रामजी गौतम को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन सपा नहीं चाहती थी कि एक दलित राज्यसभा में जाए, इसलिए सपा ने बसपा के विधायकों को पार्टी के खिलाफ जाने के लिए उकसाया। जिन विधायकों ने बसपा से बगावत की है, वे पार्टी के दम पर ही चुने गए थे। पहले भी कई लोगों ने पार्टी से बगावत की, उनका राजनीतिक हश्र क्या हुआ है, सब जानते हैं। बसपा पूरी ताकत के साथ 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी और फिर सरकार बनाएगी। बागी विधायकों के खिलाफ पार्टी सुप्रीमो मायावती ही कार्रवाई करेंगी।


बसपा को बगावत की लग गई थी भनक
बसपा खेमे को विधायकों की बगावत की भनक पहले ही लग गई थी। शायद यही वजह थी कि सतीश चंद्र मिश्र, लालजी वर्मा और उमाशंकर सिंह पहले ही विधान भवन स्थित दफ्तर में मौजूद थे। मिश्र ने नियमों का हवाला देते हुए निर्वाचन अधिकारी से कहा कि एक बार प्रस्तावक बनने के बाद प्रस्ताव वापस नहीं लिया जा सकता। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बीतने के बाद तो प्रस्तावक कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने रामजी गौतम के नामांकन के दौरान वह फोटो पेश की जिसमें राइनी, चौधरी, मुजतबा व बिंद मौजूद थे। उन्होंने कहा कि गौतम का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता।
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