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Lucknow News: लखनऊ में केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर चल रहा खून का काला कारोबार
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लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर खून का अवैध कारोबार चल रहा है। बिना डोनर वाले तीमारदारों को दलाल खून दिलवा रहे हैं। इसमें एक यूनिट खून के बदले पांच हजार रुपये वसूल रहे हैं। निगेटिव ब्लड ग्रुप के मामले में यह राशि सात से आठ हजार रुपये हो जाती है। दलालों के एक फोन पर फर्जी डोनर भी ब्लड बैंक पहुंच जाते हैं। इस खेल में तीमारदार की दलालों से सेटिंग ट्रॉमा के बाहर ठेला-खोमचा लगाने वाले कराते हैं। इसके लिए इन्हें कमीशन मिलता है। बृहस्पतिवार को इस खेल की बानगी देखने को मिली। एक तीमारदार ने ठेले वाले से संपर्क कर दो यूनिट खून दिलाने के लिए कहा तो उसने फोन दलाल को फोन किया। दलाल ने तीमारदार से फोन पर बात की और सौदा तय हो गया। इस बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश।
तीमारदार : मेरा मरीज ट्रॉमा के ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती है, उसे दो यूनिट खून चाहिए।
दलाल : मरीज का पर्चा व सैंपल मंगवा लो फिर बताते हैं।
तीमारदार : डोनर हमारे पास नहीं है, कि तने रुपये देने पड़ेंगे।
दलाल : पांच हजार रुपये यूनिट पड़ेगा और डोनर हम बुला लेंगे तुरंत।
तीमारदार : दो यूनिट का नौ हजार ले लो, थोड़ा मजबूरी समझो।
दलाल : दो यूनिट के 9500 रुपये लगेंगे, जैसा हो बताओ।
तीमारदार : चलिए आप अपना नंबर दे दो, हम फिर से बताएंगे।
दलाल : कौन से ग्रुप का खून है।
तीमारदार : बी पॉजिटिव ग्रुप है।
तीमारदार : ब्लड बैंक में कोई पकड़ न हो जाए।
दलाल : ब्लड बैंक में कोई पकड़ नहीं होगी, हम ऐसे डोनर बुलाएंगे जो पहली बार आएंगे।
तीमारदार : ठीक है फिर हम थोड़ी देर बाद आप को ट्रॉमा के बाहर मिलेंगे।
दलाल : ट्रॉमा के बाहर नहीं मिले तो शताब्दी गेट नंबर 18 के पास मिलेंगे, वहीं हम बैठते हैं।
ब्लड बैंक तक सेटिंग का करते हैं दावा
तीमारदार व खून के दलाल में बातचीत के ऑडियो से साफ है कि केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर खून के दलालों का रैकेट फैला है। ये मजबूर लोगों को जाल में फंसाकर लूट रहे हैं। उन्हें बिना डोनर खून उपलब्ध कराने के साथ ही ब्लड बैंक के अंदर तक पहुंच का दावा करते हैं। कहते हैं कि वहां पर कोई भी मामला पकड़ में नहीं आएगा।
खून की गुणवत्ता भी शक के दायरे में
दलालों के जरिये उपलब्ध कराए गए डोनरों में कई बार पेशेवर रक्तदाता भी शामिल होते हैं। ये नशे की लत पूरी करने के लिए अपना खून बेचते हैं। इससे खून की गुणवत्ता भी शक के घेरे में रहती है। जांच न होने से इनका खून चढ़ाने के बाद मरीज गंभीर संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
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पुलिस की मदद से करेंगे कार्रवाई
ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर के बाहर दलालों का रैकेट चल रहा है तो इसका साक्ष्य जुटाएंगे। खून का अवैध कारोबार करने वालों पर पुलिस की मदद से शिकंजा कसा जाएगा। इस खेल में शामिल पटरी दुकानदारों को हटाया जाएगा।
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तीमारदार : मेरा मरीज ट्रॉमा के ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती है, उसे दो यूनिट खून चाहिए।
दलाल : मरीज का पर्चा व सैंपल मंगवा लो फिर बताते हैं।
तीमारदार : डोनर हमारे पास नहीं है, कि तने रुपये देने पड़ेंगे।
दलाल : पांच हजार रुपये यूनिट पड़ेगा और डोनर हम बुला लेंगे तुरंत।
तीमारदार : दो यूनिट का नौ हजार ले लो, थोड़ा मजबूरी समझो।
दलाल : दो यूनिट के 9500 रुपये लगेंगे, जैसा हो बताओ।
तीमारदार : चलिए आप अपना नंबर दे दो, हम फिर से बताएंगे।
दलाल : कौन से ग्रुप का खून है।
तीमारदार : बी पॉजिटिव ग्रुप है।
तीमारदार : ब्लड बैंक में कोई पकड़ न हो जाए।
दलाल : ब्लड बैंक में कोई पकड़ नहीं होगी, हम ऐसे डोनर बुलाएंगे जो पहली बार आएंगे।
तीमारदार : ठीक है फिर हम थोड़ी देर बाद आप को ट्रॉमा के बाहर मिलेंगे।
दलाल : ट्रॉमा के बाहर नहीं मिले तो शताब्दी गेट नंबर 18 के पास मिलेंगे, वहीं हम बैठते हैं।
ब्लड बैंक तक सेटिंग का करते हैं दावा
तीमारदार व खून के दलाल में बातचीत के ऑडियो से साफ है कि केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर खून के दलालों का रैकेट फैला है। ये मजबूर लोगों को जाल में फंसाकर लूट रहे हैं। उन्हें बिना डोनर खून उपलब्ध कराने के साथ ही ब्लड बैंक के अंदर तक पहुंच का दावा करते हैं। कहते हैं कि वहां पर कोई भी मामला पकड़ में नहीं आएगा।
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खून की गुणवत्ता भी शक के दायरे में
दलालों के जरिये उपलब्ध कराए गए डोनरों में कई बार पेशेवर रक्तदाता भी शामिल होते हैं। ये नशे की लत पूरी करने के लिए अपना खून बेचते हैं। इससे खून की गुणवत्ता भी शक के घेरे में रहती है। जांच न होने से इनका खून चढ़ाने के बाद मरीज गंभीर संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
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पुलिस की मदद से करेंगे कार्रवाई
ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर के बाहर दलालों का रैकेट चल रहा है तो इसका साक्ष्य जुटाएंगे। खून का अवैध कारोबार करने वालों पर पुलिस की मदद से शिकंजा कसा जाएगा। इस खेल में शामिल पटरी दुकानदारों को हटाया जाएगा।