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Lucknow News: यूपी में स्वच्छ और सस्ती बिजली पर मंथन, एआई से बन रहा ब्लूप्रिंट

Wed, 19 Nov 2025 02:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 02:17 AM IST
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Brainstorming on clean and cheap electricity in UP, blueprint being made with AI
कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।
लखनऊ। वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, सस्ती, भरोसेमंद और टिकाऊ ऊर्जा कैसे उपलब्ध कराई जाए, इस पर चर्चा के लिए मंगलवार को यूपी नेडा ने विकसित भारत संकल्प @2047 के तहत कार्यशाला आयोजित की। ऊर्जा, उद्योग और इंडस्ट्री सेक्टर के विशेषज्ञों ने इसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यशाला में एआई की मदद से ऊर्जा रोडमैप तैयार करने की बात भी सामने आई।
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कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नरेंद्र भूषण ने कहा कि राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, माइक्रो-ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन, फ्लोटिंग सोलर और भविष्य की अन्य तकनीकों पर विस्तृत जानकारी साझा की। यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल ने कहा कि 2047 के ऊर्जा लक्ष्य तय करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि तकनीक तेजी से बदल रही है। इसलिए नीतियों को लचीला रखना होगा और जरूरत के अनुसार समय-समय पर संशोधन करना पड़ेगा।
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प्रमुख सचिव योजना आलोक कुमार ने बताया कि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लिए मिले एक करोड़ से अधिक सुझावों का एआई के माध्यम से विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों की प्राथमिकताएं तय की जा सकें। नीति आयोग के सलाहकार मनोज उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा परिवर्तन में देश का नेतृत्व कर सकता है। राज्य ने 2047 तक 40-50 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य दोहराया।
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ये आए प्रमुख सुझाव

बड़े सौर पार्क और फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट विकसित किए जाएं
कैनाल-टॉप सोलर और विंड–सोलर हाइब्रिड मॉडल को बढ़ावा
छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएं
बायोमास व सीबीजी आधारित बिजली उत्पादन बढ़ाया जाए
बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित हों
एमएमएमई को सौर ऊर्जा अपनाने पर ग्रीन लोन की सुविधा
ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी स्टोरेज क्षमता बढ़ाई जाए

ग्रामीण क्षेत्रों में सौर माइक्रो-ग्रिड आधारित मॉडल जैसे कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और ई-रिक्शा चार्जिंग को प्राथमिकता दी जाए

कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।

कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।

कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।

कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।

कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।

कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ।

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