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Lucknow News: बीएलओ अब आधार से सत्यापित नहीं कर सकेंगे आवेदन, अन्य दस्तावेज हुए जरूरी
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आयोग ने एप में किया है बदलाव।
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लखनऊ। बीएलओ अब नागरिकों के मतदाता बनने के लिए किए गए आवेदन पत्र को सिर्फ आधार से सत्यापित नहीं कर सकेंगे। बीएलओ के एप में एक दिन पहले तक आधार से सत्यापन की व्यवस्था थी, लेकिन अब एप के नए वर्जन में यह व्यवस्था नहीं है।
एक बीएलओ ने बताया कि एक दिन पहले तक एप में आवेदनों के सत्यापन के लिए जो अभिलेख दर्ज थे, उसमें आधारकार्ड भी था, लेकिन अब अपग्रेड किए गए एप में आधार का ऑप्शन नहीं है। पहचान एवं नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जो सूची उसमें दिखाई दे रही है, उसमें केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश मान्य होंगे। इसके साथ ही एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू से जारी किसी भी प्रकार के पहचानपत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज भी स्वीकार किए जाएंगे।
दस्तावेजों में सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से जारी मैट्रिकुलेशन अथवा अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र, राज्य सरकार से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी ओबीसी, एससी, एसटी अथवा अन्य किसी भी जाति का प्रमाणपत्र भी मान्य रहेगा।
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सूची में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो) का उल्लेख भी किया गया है। जिन लोगों ने पंजीकरण या प्राकृतिकीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त की है, उन्हें नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। राज्य या स्थानीय निकाय की ओर से तैयार पारिवारिक रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र को भी वैध दस्तावेजों में शामिल किया गया है।
Iकोई व्यक्ति मतदाता बनने के लिए अभिलेख के तौर पर आधार कार्ड देता है तो उसके साथ उसे उपरोक्त प्रमाणपत्रों में से कोई एक अन्य अभिलेख भी सत्यापन के लिए बीएलओ को देना होगा।I
I- अभय किशोर सिंह, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारीI
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एक बीएलओ ने बताया कि एक दिन पहले तक एप में आवेदनों के सत्यापन के लिए जो अभिलेख दर्ज थे, उसमें आधारकार्ड भी था, लेकिन अब अपग्रेड किए गए एप में आधार का ऑप्शन नहीं है। पहचान एवं नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जो सूची उसमें दिखाई दे रही है, उसमें केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश मान्य होंगे। इसके साथ ही एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू से जारी किसी भी प्रकार के पहचानपत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज भी स्वीकार किए जाएंगे।
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दस्तावेजों में सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से जारी मैट्रिकुलेशन अथवा अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र, राज्य सरकार से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी ओबीसी, एससी, एसटी अथवा अन्य किसी भी जाति का प्रमाणपत्र भी मान्य रहेगा।
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सूची में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो) का उल्लेख भी किया गया है। जिन लोगों ने पंजीकरण या प्राकृतिकीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त की है, उन्हें नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। राज्य या स्थानीय निकाय की ओर से तैयार पारिवारिक रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र को भी वैध दस्तावेजों में शामिल किया गया है।
Iकोई व्यक्ति मतदाता बनने के लिए अभिलेख के तौर पर आधार कार्ड देता है तो उसके साथ उसे उपरोक्त प्रमाणपत्रों में से कोई एक अन्य अभिलेख भी सत्यापन के लिए बीएलओ को देना होगा।I
I- अभय किशोर सिंह, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारीI