मिर्जापुर के हलिया ब्लॉक प्रमुख को भू-माफिया घोषित करने के फरमान, डीएम को कार्रवाई का आदेश
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उत्तर प्रदेश सरकार ने मिर्जापुर के हलिया ब्लॉक के प्रमुख को भू-माफिया घोषित करने का फैसला किया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने मिर्जापुर के जिलाधिकारी को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राजस्व विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान मिर्जापुर व सोनभद्र में कृषि सहकारी समितियां बनाकर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की तमाम शिकायतें आ रही हैं।
इस बीच हलिया ब्लॉक प्रमुख सुरेश दुबे द्वारा पहले से जमीन पर किए गए अवैध कब्जों की गंभीर शिकायतें मिली हैं। लोगों ने बताया है कि ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ जमीन पर अवैध कब्जे की कई शिकायतें दर्ज हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
ताजा शिकायत एक प्रवासी भारतीय श्याम पांडेय ने की है। हलिया ब्लॉक के ग्राम देवरी के मूल निवासी श्याम अमेरिका के बल्टीमोर में आईटी पेशेवर व सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर हैं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव राजस्व से शिकायत की है कि ब्लॉक प्रमुख सुरेश दुबे पूर्व में करीब 20 वर्ष तक ग्राम पंचायत गंजरिया के प्रधान रहे हैं।
उन्होंने अवैध तरीके से करीब 280 एकड़ जमीन हासिल की और ज्यादातर हिस्सा पड़ोसी राज्यों के व्यापारियों व लोगों को बेच दिया। श्याम ने आरोप लगाया है कि ब्लॉक प्रमुख व उनके परिवार के सदस्यों के नाम करीब 250 पट्टे हैं। ब्लॉक प्रमुख ने 50 एकड़ से अधिक जमीन अपने ड्राइवर के नाम कर रखी है। श्याम ने गंजरिया की मौजूदा ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के लगाए आरोप
श्याम ने हलिया ब्लॉक प्रमुख पर मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और राशन वितरण में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। सोनभद्र की तरह दूसरी घटना न होने पाए, इसके लिए उन्होंने अपर मुख्य सचिव से इस मामले की विस्तृत जांच करवाकर कार्रवाई का आग्रह किया है।
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बताया कि उन्हें ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ श्याम पांडेय की शिकायत मिली है। ब्लॉक प्रमुख व उसके परिवार के खिलाफ मिर्जापुर प्रशासन ने धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े की एफआईआर करवाई है। अवैध भूमि कब्जे के मामले में ब्लॉक प्रमुख को भू-माफिया घोषित कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया गया है।
सोनभद्र व मिर्जापुर में वन भूमि दर्ज करने में जमकर गड़बड़झाला
सोनभद्र व मिर्जापुर में सहकारी कृषि समितियां बनाकर जमीन के अवैध कब्जे की जांच कर रही अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अध्यक्षता वाली समिति ने वन भूमि की गाटावार मैपिंग कराई है। समिति ने इन जिलों के विभिन्न वन क्षेत्रों के वन अधिकारियों से भी पूछताछ की है।
पड़ताल में पता चला है कि वन भूमि को सरकारी खाते में दर्ज करने को लेकर वन विभाग व राजस्व विभाग की मिलीभगत से जमकर गड़बड़झाला हुआ है। भू-माफिया ने इसका फायदा उठाया है। समिति इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर विचार कर रही है।
इसके अलावा भविष्य में वन भूमि दर्ज करने को लेकर नियमों में स्पष्ट प्रावधान की सिफारिश भी कर सकती है। समिति ने शुक्रवार को मिर्जापुर की कृषि सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनका पक्ष सुना।