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ब्लॉक प्रमुख चुनाव : प्रत्याशी को सपरिवार बंधक बनाने पर हाईकोर्ट सख्त, कहा - प्रत्याशी को तुरंत सुरक्षा दें अफसर

Fri, 09 Jul 2021 11:28 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 09 Jul 2021 11:28 AM IST
सार

प्रदेश के मंत्री की शह पर जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा प्रत्याशी को नामांकन से वंचित करने के हरसंभव उपाय करने का आरोप लगाते हुए प्रत्याशी ने सपरिवार बंधक बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार की।

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Block Chief Election: High Court strict on making the candidate hostage to the family, said - Officer should immediately give strict security to the candidate
ब्लॉक प्रमुख चुनाव 2021: कई जगह हिंसा और तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी में हो रहे ब्लॉक प्रमुख चुनाव में एक प्रत्याशी को नामांकन न करने देने का एक गंभीर मामला बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के सामने आया। इसमें प्रदेश के मंत्री की शह पर प्रतापगढ़ के जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा प्रत्याशी को नामांकन से वंचित करने के हरसंभव उपाय करने का आरोप लगाते हुए याची (प्रत्याशी) ने सपरिवार बंधक बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार की। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले को विचलित करने वाला कहते हुए याची को तुरंत सख्त सुरक्षा देकर नामांकन करवाने के निर्देश आला अफसरों को दिए।

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न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ ने यह आदेश अखिलेश सिंह की याचिका पर दिया। याची का कहना था कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बृहस्पतिवार को ही नामांकन की आखिरी तारीख थी और बीडीसी सदस्य होने के नाते वह चुनाव लड़ना चाहता है। याचिका में एक पक्षकार प्रदेश सरकार में मंत्री हैं जिनका पुत्र भी चुनाव में प्रत्याशी है। याची का आरोप था कि मंत्री की शह पर प्रतापगढ़ के जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा प्रत्याशी को नामांकन से वंचित करने के हरसंभव उपाय किए गए है और याची को उसके पुत्र समेत सपरिवार बंधक बनाया गया है जिससे वह नामांकन न कर सके।
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अदालत ने इस मामले में सरकारी वकील को दोपहर सवा बजे तक अपर मुख्य सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक से जानकारी लेकर जिम्मेदार अफसर के साथ पेश करने के निर्देश दिए। इस पर डीजीपी दफ्तर से अटैच सुरेंद्र बहादुर वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। कोर्ट ने मामले में मंत्री समेत दो पक्षकारों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा तलब किया है। कोर्ट ने याची को चुनाव के दौरान परिणाम आने तक सख्त सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश प्रतापगढ़ के डीआईजी को दिए हैं। साथ ही चुनाव आयोग के अफसरों व निर्वाचन अधिकारी को भी निर्देश दिया कि याची को नामांकन करने में पूरा सहयोग करें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को नियत की है।
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आदेश में कोर्ट की अहम टिप्पणी
‘देश के लोकतांत्रिक संस्थाओं का निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव कराना हमारे संविधान की मूल विशेषताओं में से एक है। राज्य प्राधिकारियों या जिला प्रशासन समेत किसी भी कोने से निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव प्रणाली को क्षति पहुंचाने की कोई भी कोशिश राज्य की लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली के लिए अनुकूल नहीं है।’

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