जू निदेशक रेणु सिंह पर गिरी 'संक्रमण' की गाज
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लखनऊ प्राणि उद्यान में दुर्लभ प्रजाति के 20 काले हिरनों की मौत के मामले
सीएम के निर्देश पर बनी जांच समिति की रिपोर्ट में प्रथमदृष्ट्या प्रशासनिक लापरवाही उजागर होने के बाद उनका तबादला वानिकी प्रशिक्षण केंद्र कानपुर कर दिया गया है। करीब 6 वर्षों से वे यहां तैनात थीं।
प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. रूपक डे ने बताया कि वन अनुसंधान केंद्र कानपुर में तैनात अनुपम गुप्ता अब लखनऊ प्राणि उद्यान के निदेशक होंगे।
लखनऊ
प्राणि उद्यान में 7 सितंबर से लगाता काले हिरनों की मौत हो रही थी। मामला उजागर होने के बाद
खुद जंतु उद्यान राज्यमंत्री और वन विभाग के आला अधिकारियों ने दौरा भी
किया।
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काले हिरनों की ताबड़तोड़ हो रही मौतों के सिलसिले को रोकने के लिए
देहरादून, आगरा, दुधवा से विशेषज्ञ भी बुलाए गए थे। काले हिरनों की मौत के
मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी गंभीरता से लिया था।
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प्रमुख सचिव
वन वीएन गर्ग ने 11 सितंबर को सीएम के निर्देश पर प्रमुख वन संरक्षक
प्रशिक्षण-अनुसंधान कानपुर अश्वनी कुमार और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. जेके
पांडे को पूरे मामले की जांच सौंपी थी।
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21 सितंबर को कमेटी ने 38 बिंदुओं
पर जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपी थी। उसी के बाद से ‘बड़ों’
पर कार्रवाई का अंदेशा जताया जा रहा था।
कमेटी ने लीपापोती समेत प्रशासनिक
उदासीनता को 76 पन्नों की रिपोर्ट में प्रमुखता से उठाया था। खुद जंतु
उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने बीते दिनों मुख्यमंत्री से बात कर
मामले की गंभीरता से उन्हें अवगत कराया था।