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भाजपा की चुनाव तैयारी: 'सरल एप' को डाउनलोड ना करना पड़ सकता है बीजेपी नेताओं को भारी, जानिए क्या है इस एप में?

Thu, 13 Jul 2023 11:28 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 13 Jul 2023 11:28 AM IST
सार

सरल एप बीजेपी के नेताओं को लिए कठिन बनता जा रहा है। इसे डाउनलोड ना करना उनको भारी पड़ सकता है। जानिए क्या है इस एप में और क्यों है यह जरुरी? 

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सरल एप - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 9 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे महाजनसंपर्क अभियान में सरल एप डाउनलोड नहीं होना कई मौजूदा जिलाध्यक्षों को भारी पड़ सकता है। भाजपा के एक दर्जन से अधिक संगठनात्मक जिलों में एक हजार कार्यकर्ताओं ने भी सरल एप डाउनलोड नहीं किया है। वहीं सरल एप डाउनलोड करने में पश्चिमी यूपी, अवध और पूर्वांचल के जिलों ने बाजी मारी है।

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भाजपा ने महाजनसंपर्क अभियान के तहत घर घर संपर्क और संपर्क से समर्थन कार्यक्रम के लिए सरल एप लांच किया था। प्रत्येक कार्यकर्ता को घर घर संपर्क के दौरान संबंधित व्यक्ति का फोटो सरल एप पर अपलोड करना है। इसके लिए कार्यकर्ता को मोबाइल पर सरल एप डाउनलोड भी करना है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय को दस जुलाई तक मिली रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 98 संगठनात्मक जिलों में 2,14,775 लोगों ने सरल एप डाउनलोड किया है। 1,92,749 लोगों ने उसमें प्रोफाइल भी भरी है। सरल एप डाउनलोड करने वाले दस प्रमुख जिलों में अवध के बहराइच और बाराबंकी भी शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कार्यालय में सरल एप के आधार पर ही महाजनसंपर्क अभियान की सफलता का आकलन किया जा रहा है। प्रदेश में चल रही नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के दौर में सरल एप को सरलता से लेकर डाउनलोड नहीं कराना मौजूदा जिलाध्यक्षों पर भारी पड़ सकता है।
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अवध में बहराइच सबसे आगे

महाजनसंपर्क अभियान में सरल एप डाउनलोड कराने में अवध क्षेत्र का बाराबंकी जिला सबसे आगे रहा है। बहराइच में 4837, बाराबंकी जिले में 2954, सीतापुर में 2930, लखनऊ महानगर में 2772, , हरदोई में 2677, गोंडा में 2643, उन्नाव में 2570, बलरामपुर में 1536, अयोध्या जिला में 1503, अंबेडकर नगर 1300, लखनऊ जिला में 1038, रायबरेली में 925, श्रावस्ती में 786, अयोध्या महानगर में 580 सरल एप डाउनलोड की गई है।
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दस सबसे अग्रणी संगठनात्मक जिले

बदायूं - - 10,744
गाजियाबाद महानगर - 10,238
गाजीपुर - 8320
आजमगढ़ - 4935
प्रतापगढ़ - 4858
बहराइच - 4837
सुलतानपुर - 4661
मिर्जापुर - 4202
बाराबंकी - 2954
मछलीशहर - 2847

दस फिसड्डी संगठनात्मक जिले

बरेली महानगर -297
फिरोजाबाद महानगर - 304
बागपत - 308
शाहजहांपुर महानगर -332
मुरादाबाद महानगर - 406
कन्नौज - 409
औरेया - 418
अलीगढ़ महानगर - 429
मथुरा जिला - 522
झांसी जिला -509


लखनऊ के जिलाध्यक्ष भी बदल सकते हैं

इस बीच एक खबर लखनऊ बीजेपी को लेकर भी है। लखनऊ महानगर के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार शर्मा लगातार दो कार्यकाल हो चुका है। पार्टी के संविधान के अनुसार एक व्यक्ति को अधिकतम दो बार अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। ऐसे में लखनऊ महानगर में मुकेश शर्मा की जगह नए जिलाध्यक्ष की तैनाती होगी। हालांकि लखनऊ में प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। लेकिन लखनऊ महानगर में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सहमति से ही होगी। वहीं गोरखपुर महानगर और जिला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वाराणसी में केंद्रीय नेतृत्व, मुरादाबाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, प्रयागराज और फुलपूर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पसंद से ही जिलाध्यक्ष की तैनाती होगी।


 

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