{"_id":"5dfe45508ebc3e87c300b975","slug":"bjp-will-explain-the-truth-on-caa-and-will-make-public-opinion","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नागरिकता कानून पर सच समझाएगी व जनमत बनाएगी भाजपा, दस दिन तक चलेगा विशेष अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नागरिकता कानून पर सच समझाएगी व जनमत बनाएगी भाजपा, दस दिन तक चलेगा विशेष अभियान
Sat, 21 Dec 2019 09:46 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 21 Dec 2019 09:46 PM IST
विज्ञापन
विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय जनता पार्टी ने भी नागरिकता संशोधन कानून पर जगह-जगह हो रहे हिंसक विरोध को देखते हुए इस मुद्दे पर लोगों को सच समझाने और उन्हें सही तथ्य बताने का फैसला किया है। इस संबंध में पूरी योजना का खाका खींचा जा रहा है। जिसके अनुसार, दस दिनों में भाजपा प्रदेश में हर जिले में संगोष्ठी और कुछ स्थानों पर सभाएं करके तथा प्रेस कांफ्रेंस के जरिये लोगों को इस कानून के बारे समझाकर व सही तथ्य बताकर इस कानून के समर्थन में जनमत बनाने की कोशिश होगी।
साथ ही तर्क और तथ्यों से उपद्रवियों की नीति, नीयत और मंशा पर सवाल उठाकर इन्हें समाज के जरिये ही कठघरे में खड़ा करने की कोशिश होगी। इसके लिए प्रदर्शन में शामिल लोगों की मीडिया के सामने बयां की गई सच्चाई को बताते हुए विरोध करने वालों की पोल भी खोलने की तैयारी है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं की मदद लेंगे
संगठन के अलावा सरकार भी इस मुद्दे पर कानून के पक्ष में जनमत बनाने में लग गई है। उसने पहले ही उपद्रव और अशांति फैलाने वालों को कानून की सख्ती से समझाने और शांति से समझने वालों को संवाद के जरिये सच्चाई बताने का घोषणा करते हुए मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप रखी है।
विज्ञापन
अब भाजपा भी अगले सप्ताह से अभियान प्रारंभ करने जा रही है। इसके तहत सिर्फ हिंदुओं को ही नहीं बल्कि मुस्लिम धर्मगुरुओं की मदद से मुस्लिम समाज के बीच भी इस कानून के सच को पहुंचाकर भ्रम दूर करने की रणनीति बनी है। इस पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने काम शुरू भी कर दिया है।
वह पिछले तीन दिनों में कई मुस्लिम प्रतिनिधि मंडलों से मिलकर उनके सामने पूरे तथ्य रखकर उनसे मुस्लिम समाज के बीच पूरे और सही तथ्य रखने का आग्रह कर चुके हैं। उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहल पर उससे संबद्ध अलग-अलग संगठनों ने भी ‘नागरिक विचार मंच’ के जरिये इस मुद्दे पर जनमत बनाने का काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
साथ ही तर्क और तथ्यों से उपद्रवियों की नीति, नीयत और मंशा पर सवाल उठाकर इन्हें समाज के जरिये ही कठघरे में खड़ा करने की कोशिश होगी। इसके लिए प्रदर्शन में शामिल लोगों की मीडिया के सामने बयां की गई सच्चाई को बताते हुए विरोध करने वालों की पोल भी खोलने की तैयारी है।
विज्ञापन
मुस्लिम धर्मगुरुओं की मदद लेंगे
संगठन के अलावा सरकार भी इस मुद्दे पर कानून के पक्ष में जनमत बनाने में लग गई है। उसने पहले ही उपद्रव और अशांति फैलाने वालों को कानून की सख्ती से समझाने और शांति से समझने वालों को संवाद के जरिये सच्चाई बताने का घोषणा करते हुए मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप रखी है।
विज्ञापन
अब भाजपा भी अगले सप्ताह से अभियान प्रारंभ करने जा रही है। इसके तहत सिर्फ हिंदुओं को ही नहीं बल्कि मुस्लिम धर्मगुरुओं की मदद से मुस्लिम समाज के बीच भी इस कानून के सच को पहुंचाकर भ्रम दूर करने की रणनीति बनी है। इस पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने काम शुरू भी कर दिया है।
वह पिछले तीन दिनों में कई मुस्लिम प्रतिनिधि मंडलों से मिलकर उनके सामने पूरे तथ्य रखकर उनसे मुस्लिम समाज के बीच पूरे और सही तथ्य रखने का आग्रह कर चुके हैं। उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहल पर उससे संबद्ध अलग-अलग संगठनों ने भी ‘नागरिक विचार मंच’ के जरिये इस मुद्दे पर जनमत बनाने का काम शुरू कर दिया है।
समझाएंगे ये बातें
अभियान के तहत भाजपा नेता लोगों को बताएंगे कि देश का बंटवारा ही धर्म के आधार पर हुआ था। जिन मुसलमानों को धार्मिक आधार पर बन रहे इस्लामी देश पाकिस्तान में रहना ठीक लगा तो वे वहां बस गए। जिन्हें देश का बंटवारा ठीक नहीं लगा वे मुसलमान देश से नहीं गए। इसलिए जो पाकिस्तान और बांग्लादेश धर्म के आधार पर ही बने हैं। वहां रहने वाले मुसलमानों की प्रताड़ना का तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वैसे भी किसी को यदि भारत की नागरिकता लेनी है तो उसके लिए पहले से ही कानून हैं। जिसके तहत कई लोगों ने देश की नागरिकता ली भी है। पर, इन देशों में रहने वाले हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी और सिख समाज के लोगों को आज तक मौलिक अधिकार भी नहीं दिए गए। साथ ही उत्पीड़न किया गया जिसके चलते कई लोग वहां से भारत में आ गए और शरण ले ली।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह कहते हैं कि इनमें कई के पास पाकिस्तान या बांग्लादेश अथवा अफगानिस्तान की नागरिकता का भी कोई प्रमाण पत्र नहीं हैं, क्योंकि ज्यादातर के पिता या बाबा आए थे। इसलिए उनकी मृत्यु के बाद उनके वंशजों के पास नागरिकता का कोई प्रमाण पत्र ही नहीं है।
ऐसे लोगों को नागरिकता देने के लिए ये कानून लाया गया है। यह कानून नागरिकता देने वाला है किसी की नागरिकता छीनने वाला नहीं। फिर भी कुछ लोग इस पर भ्रम फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं।
वैसे भी कांग्रेस सहित ज्यादातर विपक्षी दलों ने मुसलमानों को हमेशा वोट बैंक ही समझा। अब जब मुस्लिम समाज सच्चाई समझकर उनसे दूर हट रहा है तो ये भ्रम फैलाकर मुस्लिम समाज को भड़का रहे हैं। पर, मुस्लिम समाज अब इनके झूठ में नहीं फंसेगा।
वैसे भी किसी को यदि भारत की नागरिकता लेनी है तो उसके लिए पहले से ही कानून हैं। जिसके तहत कई लोगों ने देश की नागरिकता ली भी है। पर, इन देशों में रहने वाले हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी और सिख समाज के लोगों को आज तक मौलिक अधिकार भी नहीं दिए गए। साथ ही उत्पीड़न किया गया जिसके चलते कई लोग वहां से भारत में आ गए और शरण ले ली।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह कहते हैं कि इनमें कई के पास पाकिस्तान या बांग्लादेश अथवा अफगानिस्तान की नागरिकता का भी कोई प्रमाण पत्र नहीं हैं, क्योंकि ज्यादातर के पिता या बाबा आए थे। इसलिए उनकी मृत्यु के बाद उनके वंशजों के पास नागरिकता का कोई प्रमाण पत्र ही नहीं है।
ऐसे लोगों को नागरिकता देने के लिए ये कानून लाया गया है। यह कानून नागरिकता देने वाला है किसी की नागरिकता छीनने वाला नहीं। फिर भी कुछ लोग इस पर भ्रम फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं।
वैसे भी कांग्रेस सहित ज्यादातर विपक्षी दलों ने मुसलमानों को हमेशा वोट बैंक ही समझा। अब जब मुस्लिम समाज सच्चाई समझकर उनसे दूर हट रहा है तो ये भ्रम फैलाकर मुस्लिम समाज को भड़का रहे हैं। पर, मुस्लिम समाज अब इनके झूठ में नहीं फंसेगा।