पब कल्चर से निपटने के लिए ब्रिगेड तैयार करेगा संघ
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युवाओं में पब कल्चर के प्रति बढ़ते रुझान और भारतीय संस्कृति की अनदेखी की बढ़ती प्रवृत्ति से चिंतित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इन सबसे निपटने के लिए युवाओं की ब्रिगेड तैयार करने का फैसला किया है।
इस फैसले को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी विश्व हिंदू परिषद व उसके युवा संगठन बजरंग दल को दी गई है। बजरंग दल इसके लिए युवाओं की ब्रिगेड खड़ी करेगा। यह ब्रिगेड नौजवानों को भारतीय संस्कृति से खिलवाड़ किए जाने के खतरे बताएगी।
इसी कड़ी में 10 से 12 अक्तूबर तक हरिद्वार में बजरंग दल का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इसमें बजरंग दल के देश भर से ब्लॉक स्तर तक लगभग 4000 पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।
इसे विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक अशोक सिंहल, राष्ट्रीय अध्यक्ष राघव रेड्डी, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया, राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय और प्रांतीय संगठन मंत्री दिनेश चंद्र के साथ ही प्रमुख साधु-संत भी संबोधित करेंगे। अधिवेशन में लव जेहाद व पब संस्कृति जैसे षड्यंत्रों से मोर्चा लेने की कार्ययोजना को अमली जामा पहनाने की रणनीति बनेगी।
संघर्ष, शिक्षण-प्रशिक्षण से लेकर समझाईश तक
संघ की बहुआयामी कार्ययोजना के तहत समाज, खास तौर से युवकों को बताया जाएगा कि किस तरह विदेशी ताकतें और उनसे गठबंधन कर देशी संगठन भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का काम कर रहे हैं। अमरनाथ यात्रा में बाधा पहुंचाने से लेकर भोजशाला जैसे विवाद खड़े करके चुनौती दी जाती है।
युवकों- युवतियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर जाल में फंसा लिया जाता है, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति पिछड़ी नजर आने लगे। इसका मकसद युवकों व युवतियों को भारतीय संस्कृति से दूर कर राष्ट्र की जड़ों को खोखला कर देना है। इसलिए इन तत्वों के मंसूबों को ध्वस्त करना जरूरी है।
ये काम भी होंगे: अधिवेशन के बाद बजरंग दल के लोग जगह-जगह युवाओं के सम्मेलन करेंगे। इन सम्मेलनों में भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिए चल रहे षड्यंत्रों की जानकारी देने के साथ इनसे निपटने के लिए समूह तैयार किए जाएंगे और इन्हें काम करने के तौर-तरीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। ये समूह स्थानीय स्तर पर लोगों को षड्यंत्रों के खिलाफ जगाने का काम करेंगे।
शहीदों को श्रद्धांजलि व इतिहास का बखान
युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ने के लिए पुराने आंदोलनों की जानकारी भी दी जाएगी। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनके परिवारीजनों का सम्मान भी किया जाएगा। इसकी शुरुआत हरिद्वार अधिवेशन से ही कर दी जाएगी।
इस कड़ी में सीमा पर प्राण न्यौछावर वाले जवानों, रामजन्मभूमि आंदोलन में प्राण गंवाने वालों, कारगिल युद्ध के शहीदों और सम-सामायिक विषयों को लेकर आंदोलन करने वाले शहीदों के परिवारीजनों को सम्मानित किया जाएगा।
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि भारतीय संस्कृति के खिलाफ कुचक्रों को कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता।