सत्ता में रहकर झूठ की इबारत लिखने में भाजपा को महारत: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की नीतियां और भाषा आम लोगों को भयभीत कर रही हैं। बुनियादी समस्याओं के समाधान में उसकी तनिक भी रूचि नहीं है। असहमति की आवाज को कुचलने में कसर नहीं छोड़ी जा रही है। भाजपा लोकतंत्र को धता बताकर मनमानी पर उतर आई है, इसीलिए भाजपा पर जनता का भरोसा नहीं रह गया है।
अखिलेश शनिवार को सपा मुख्यालय में एकत्र कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा एक तो जनविरोधी काम करती है, दूसरे लोकतांत्रिक व्यवस्था और सांविधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में पीछे नहीं रहती। भाजपा राज में किसानों, महिलाओं और बच्चियों का उत्पीड़न बढ़ा है। नोटबंदी-जीएसटी से उद्योगधंधे चौपट हुए हैं, नौजवान बेरोजगार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अजीब बात है कि भाजपा नेतृत्व ने ही विद्वता की ठेकेदारी अपने नाम कर ली है। उनका एक मात्र काम अपने हर गलत काम को सही ठहराना है। भाजपा सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर भ्रम फैलाने से बाज नहीं आ रही है।
इन सबकी समझ लगता है सिर्फ भाजपा वालों को ही है। अन्यथा क्या कारण है कि भारत की 90 प्रतिशत आबादी इनके कुत्सित इरादों से खौफजदा है। कई राज्य सरकारों ने नए कानूनों के प्रति विरोध जता दिया है।
भाजपा नेताओं को झूठ की इबारत लिखने में महारत
सपा अध्यक्ष ने कहा, सत्ता प्रतिष्ठा में बैठकर झूठ की इबारत लिखने में कुछ लोगों को महारत हासिल है। इनको एक काम सौंपा गया, समाजवादी सरकार के विकास पर अपना ठप्पा लगाकर वाहवाही के बयान छपवाना।
हिंसा पीड़ितों के परिजनों के साथ पुलिस उत्पीड़न और निर्दोषों को जेल में यातना देने की सच्चाई सामने लाने पर भाजपा नेता बौखलाहट के शिकार हैं। उन्हें इसमें तुष्टिकरण दिखाई देता है, जबकि वही इस खेल के पुराने माहिर हैं।
गरीबों, किसानों के उत्पीड़न की आवाज उठाते रहेंगे
उन्होंने कहा कि सपा गरीबों, किसानों के साथ हो रहे अन्याय, नौजवानों की बेरोजगारी और नागरिकों के उत्पीड़न की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाती रही है। जनता को राहत तभी मिलेगी जब भाजपा का विभेदकारी खेल बंद होगा। इसके लिए ही एनपीआर फार्म नहीं भरने का सत्याग्रह शुरू करने का निर्णय लिया है।