पंचायत चुनाव के लिए ये होगा भाजपाइयों का 'मास्टर प्लान'
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जोर-शोर से पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटी भाजपा ने अब अपने लोगों को पंचायत चुनाव के फन में भी माहिर करने का फैसला किया है। इसके लिए जिलावार शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व गुजरात जैसे पंचायत चुनाव लड़ने वाले राज्यों के प्रमुख लोगों को बुलाकर कार्यकर्ताओं को चुनावी गुर सिखाए जाएंगे। उन्हें समझाया जाएगा कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर किन-किन बातों पर प्रमुखता से ध्यान देना है।
मुख्य रूप से जिला पंचायतों का चुनाव लड़ने पर फोकस कर रही भाजपा ने जिला पंचायतवार प्रभारियों की नियुक्ति करने के बाद वार्डों की रणनीति बनाने पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इसके लिए जिला पंचायतों के प्रत्येक वार्ड के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की जा रही है।
इन्हीं लोगों को शिविरों में बुलाकर पंचायत चुनाव के मद्देनजर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही मतदाताओं के समीकरणों को दुरुस्त करने के तौर-तरीके समझाए जाएंगे। मसलन किस-किस तरह के सामाजिक समीकरणों में कैसे लोगों को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।
दुहराएंगे लोकसभा चुनाव के अनुभव
पार्टी की लोकसभा चुनाव के अनुभवों की पंचायत चुनाव में पुनरावृत्ति की भी तैयारी है। इसके लिए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर खुद पूरे सूबे का दौरा कर रहे हैं। मेरठ के बाद उन्होंने बुधवार को एटा में बृज व बरेली क्षेत्र की बैठक की। बृहस्पतिवार को वे फतेहपुर में कानपुर व बुंदेलखंड क्षेत्र की बैठक करेंगे। शुक्रवार व शनिवार को वे लखनऊ में बैठक करेंगे।
अब तक हुई बैठकों में माथुर का जोर मतदाता सूची के आधार पर पन्ना प्रभारियों व मोहल्ला प्रभारियों की तैनाती और उनके जरिये पार्टी के समर्थक मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने पर रहा है। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने मुख्य रूप से यही काम किया था।
मतदाता सूची पर भी नजर : माथुर ने पार्टी के लोगों को पंचायतों की मतदाता सूची के दुरुस्तीकरण के काम पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इस पर ध्यान देने को कहा है कि विपक्ष, खास तौर से समाजवादी पार्टी सरकारी मशीनरी पर दबाव डालकर भाजपा समर्थकों के नाम ही मतदाता सूची से गायब न करा दे।