विधान परिषद चुनाव: जीत के लिए भाजपा ने शुरू की तोड़फोड़
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विधान परिषद चुनाव में 23 वोट जुटाने की कवायद में जुटी भाजपा दूसरे दलों के विधायकों से संपर्क साध रही है। बसपा के कुछ नेताओं ने शनिवार को भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर से मुलाकात भी की।
बताते हैं कि कुछ विधायक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से टिकट का भरोसा मिलने पर दलीय निष्ठा बदलने को तैयार हैं, पर वे प्रदेश स्तर के नेताओं के आश्वासनों पर पिघलने को तैयार नहीं हैं।
भाजपा ने केवल नौ अतिरिक्त वोटों की बदौलत दूसरा प्रत्याशी उतारकर यह संकेत दिया है कि वह अपनी जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इसके लिए प्रयास भी शुरू हो गए हैं। पार्टी की नजर सबसे ज्यादा बसपा पर है।
वह बसपा के बागी सांसद जुगुल किशोर के जरिये सेंधमारी की कोशिश में है। शनिवार को ओम माथुर से बसपा से एक एमएलसी समेत कुछ नेताओं की मुलाकात को इसी रूप में देखा जा रहा है।
बसपा के एक विधायक भी भाजपा नेताओं के संपर्क में बताए जा रहे हैं। उनके बेटे पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। भाजपा की नजर रालोद और कांग्रेस के साथ ही सपा के एक-दो विधायकों पर भी है।
अमित शाह के सामने रखी शर्त
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेताओं ने जिन विधायकों से संपर्क साधा है, उनमें से दो-तीन ने अमित शाह से विधानसभा चुनाव 2017 में टिकट का आश्वासन दिलाने की शर्त रखी है।
रालोद ने फैसले के लिए अजित को अधिकृत किया
बसपा को समर्थन दे रहे रालोद पर भी भाजपा की नजरें हैं। शनिवार को ही रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने दिल्ली में विधायक दल की बैठक बुलाई थी।
रालोद विधायक दल के नेता ठाकुर दलबीर सिंह के मुताबिक इसमें करतार सिंह भड़ाना को छोड़कर सभी विधायक मौजूद रहे। भड़ाना ने स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई थी।
दलबीर सिंह के मुताबिक, विधायकों ने एक प्रस्ताव पारित करके विधान परिषद चुनाव के संबंध में फैसला लेने के लिए चौधरी अजित सिंह को अधिकृत किया है।
वे जिसे कहेंगे, विधायक उसी का समर्थन करेंगे। उन्होंने इन अटकलों को गलत बताया कि रालोद विधायकों पर भाजपा डोरे डाल रही है।