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ये है मिशन 2019 के लिए भाजपा का पूरा प्लान, ऐसे जीतेंगे यूपी

Sun, 30 Apr 2017 11:31 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 30 Apr 2017 11:31 AM IST
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BJP plan for 2019 loksabha election.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह

भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए वोटों के प्लान पर अभी से ध्यान केंद्रित कर दिया है। इसमें हर वर्ग पर फोकस किया गया है। साथ ही यह इंतजाम भी कि अलग-अलग वर्ग के बीच उसी वर्ग के लोगों को भेजकर भाजपा के समीकरणों को न सिर्फ दुरुस्त रखा जाए बल्कि उन्हें 2014 के लोकसभा व 2017 के विधानसभा चुनाव से और भी बेहतर बनाया जाए।

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इस सिलसिले में दो तरह की योजना पर काम शुरू किया गया है। एक, मंडल यानी ब्लॉक स्तर से ऊपर के कार्यकर्ताओं को 15 दिन के लिए दूसरे क्षेत्रों में भेजकर बूथ स्तर पर संपर्क की योजना बनाई गई है। इस दौरान उन्हें संपर्क, संवाद, समीकरणों की दुरुस्ती, जातियों की लामबंदी के साथ वहां के बारे में कई तरह के फीडबैक जुटाने होंगे।
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दूसरा, प्रोफेशनल के बीच प्रोफेशनल, वकीलों के बीच वकील और विद्यार्थियों के बीच में विद्यार्थी कार्यकर्ता भेजकर उन्हें पार्टी के साथ जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
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पंद्रह दिन के प्रवास पर जाने वाले ये कार्यकर्ता भी विस्तारक कहे जाएंगे। पर, उन 135 विस्तारकों से अलग होंगे जिन्हें एक साल के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में बतौर विस्तारक काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन सवालों के जवाब तलाशेंगे भाजपा कार्यकर्ता

BJP plan for 2019 loksabha election.

पंद्रह दिन के लिए निकलने वाले विस्तारकों को बूथ वार जातीय और राजनीतिक समीकरणों का फीडबैक जुटाना होगा। विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले वोटों का गणित क्या था? विपक्ष को मिले वोटों के पीछे क्या समीकरण रहे? अगर किसी बूथ पर भाजपा को इस लहर में भी काफी कम वोट मिले तो उसकी क्या वजह रही? इसे कैसे ठीक किया जा सकता है?

बूथ या मतदान केंद्र से संबंधित क्षेत्र में कौन-कौन ऐसे लोग हैं जिन्हें जोड़कर न सिर्फ उस मतदान केंद्र या बूथ पर बल्कि पूरे क्षेत्र में भाजपा के समीकरणों को और मजबूत बनाया जा सकता है। इस बाबत भी बूथ पर जाने वाले लोग फीडबैक जुटाएंगे।

अमित शाह भी करेंगे बूथ पर प्रवास
लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा की फिक्र का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी रणनीतिकारों ने 10 से 25 मई तक 15 दिन तक बूथ स्तर तक जो सघन प्रवास कार्यक्रम बनाया है, इसके लिए 30 हजार विस्तारक कार्यकर्ताओं की सूची बनाई गई है। इस सघन जनसंपर्क अभियान के लिए निकलने वाले इन विस्तारकों में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी नाम शामिल है।

उनके लिए अलग-अलग प्रदेशों में बूथ स्तर पर संपर्क का कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर से तय होगा। वह एक दिन उत्तर प्रदेश में भी रहेंगे। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि वह कहां और किस बूथ पर जाकर संपर्क करेंगे। इसके अलावा प्रदेश के जो 30 हजार विस्तारक कार्यकर्ता तैयार किए गए हैं उनमें से प्रत्येक को अमूमन 5-6 बूथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर बूथ या मतदान केंद्र पर उन्हें औसतन दो दिन रुकना पड़ेगा।

योजनाओं पर जुटाया जाएगा जनता का फीडबैक

BJP plan for 2019 loksabha election.

विस्तारकों के जरिये 10 से 25 मई तक संपर्क व संवाद अभियान के पूरा होने के अगले दिन से ही भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए फिर जनता के बीच रहने की योजना बनाई गई है। दरअसल, 26 मई को मोदी सरकार का तीन साल पूरा हो रहा है।

इस नाते पार्टी ने 26 मई से ही 15 दिन का उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार का अभियान तय किया है। इसमें नोटबंदी, योगी सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी, बकाया बिजली बिल पर सरचार्ज माफी, पुरानी सरकारों के घपले-घोटालों की जांच जैसे फैसले पर आम आदमी का फीडबैक जुटाने की योजना है।

यह भी कहा गया है कि पार्टी के लोग आमजन से बातचीत करके यह भी समझने की कोशिश करें कि गरीबों के कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं का संबंधित इलाके में क्या हाल है। सरकारी मशीनरी इसमें बाधक तो नहीं बन रही।

प्रधानमंत्री जनधन योजना, सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन, सुकन्या समृद्धि, मजदूरों के लिए शुरू की गई श्रमेव जयते, मुद्रा बैंक, स्टैंड अप और स्टार्ट अप योजना का कैसा हाल है। लोगों को बताया जाएगा कि वे केंद्र  व राज्य सरकार की योजनाओं का किस तरह लाभ ले सकते हैं।

मंत्रियों, सांसदों व विधायकों पर नजर

BJP plan for 2019 loksabha election.

रणनीतिकारों की कोशिश है कि जनता ने जिस उम्मीद के साथ पार्टी के लोगों को जिताया है, उस बारे में भी आम आदमी की संतुष्टि पर ध्यान रखा जाए। इसीलिए संपर्क से लेकर उपलब्धियां बताने के लिए शुरू हो रहे अभियानों में खासतौर से यह बात जोड़ी गई है कि लोगों से सांसदों व विधायकों के क्षेत्र में संपर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जाए।

यह पता किया जाए कि चुनाव जीतने के बाद सांसद या विधायक वहां आए हैं या नहीं। अगर संबंधित बूथ विपक्ष के किसी सांसद या विधायक के निर्वाचन क्षेत्र में आता है तो यह पता करना है कि वहां भाजपा और निर्वाचित सांसद व विधायक के वोटों के अंतर की वजह क्या थी।

विस्तारकों से यह भी कहा गया है कि अगर उनका बूथ प्रदेश या केंद्र सरकार में किसी मंत्री के इलाके में आता है तो वहां के कामकाज की स्थिति, लोगों से संपर्क, समस्याओं के समाधान में स्थानीय प्रतिनिधि की भूमिका और मंत्री के वहां इससे पहलेे आने के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।

हारी सीटों पर भी फोकस

BJP plan for 2019 loksabha election.
पार्टी ने वरिष्ठ सांसदों व मंत्रियों को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन सबको अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा उन दूसरे इलाकों में भेजने का फैसला किया गया है जहां पार्टी लोकसभा चुनाव में जीत नहीं सकी थी।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र यह सुझाव दिया गया है कि 2014 में हारी हुई सीटों पर अभी से वरिष्ठ सांसदों और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय कर दी जाए।

ये वहां निरंतर जाएं और संपर्क रखें। साथ ही समस्याओं की जानकारी जुटाकर प्रदेश नेतृत्व को बताएं। इसके अलावा सांसदों व मंत्रियों को भी संपर्क अभियान में लगाया जाएगा। इनके कार्यक्रम बूथ स्तर पर जाने वाले कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर बनाए जाएंगे।

हर तबके को जोड़ने पर ध्यान

BJP plan for 2019 loksabha election.

चार्टर्ड अकाउंटेंट के बीच पार्टी से जुड़े सीए को, वकीलों के बीच पार्टी से जुड़े वकीलों, डॉक्टरों के बीच पार्टी से जुड़े डॉक्टरों, शिक्षकों के बीच शिक्षकों, इंजीनियरों के बीच इंजीनियरों, उद्योगपतियों के बीच उद्योगों से जुडे़ लोगों, साहित्य, कला व व्यापारियों के बीच पार्टी से जुड़े उन्हीं लोगों को भेजकर समीकरण साधने और मजबूत बनाने की तैयारी की गई है।

कारोबारियों में भी अलग-अलग तरह के लोगों के बीच पार्टी से जुड़े उसी कामकाज से संबंधित लोगों को भेजा जाएगा। ये सभी अपने-अपने तबके के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए कामों की जानकारी उनके बीच रखेंगे।

यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि उनकी प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए सरकार क्या कर सकती है? कुल मिलाकर कोशिश यह है कि कोई भी तबका ऐसा न छूटे जिससे भाजपा ने संपर्क नहीं किया।

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